फॉण्ट कनवर्टर NEW

हिमाचल के मंडी में बादल फटने से मची तबाही, चंडीगढ़-मनाली हाइवे बंद

India News: हिमाचल प्रदेश में मानसून ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। मंडी जिले में सोमवार रात को कई जगहों पर बादल फटने की घटनाओं ने तबाही मचा दी। करसोग उपमंडल के तहत एक 45 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई जबकि

अपनी भाषा में पढ़ें

India News: हिमाचल प्रदेश में मानसून ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। मंडी जिले में सोमवार रात को कई जगहों पर बादल फटने की घटनाओं ने तबाही मचा दी। करसोग उपमंडल के तहत एक 45 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई जबकि दो लोग लापता हैं। डीएसपी करसोग ने इस हादसे की पुष्टि की है। वहीं मंडी जिला के गोहर क्षेत्र के स्यांज गांव में नाले में आई बाढ़ के कारण नौ लोग लापता हो गए हैं। मां-बेटी को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि अन्य की तलाश युद्धस्तर पर जारी है।

बारिश से मंडी जिले में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। पंडोह बाजार में जलभराव के चलते स्थानीय लोगों को रातभर रेस्क्यू किया गया। बाखली और कुकलाह के पुल भारी बारिश की भेंट चढ़ गए हैं। वहीं चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाइवे को बंद कर दिया गया है, जिससे वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई है। पटीकरी पावर प्रोजेक्ट को भी गंभीर नुकसान हुआ है।

पंडोह डैम का जलस्तर 2922 फीट तक पहुंच गया है, जो 2941 फीट के खतरे के निशान के बेहद करीब है। स्थिति को काबू में रखने के लिए प्रशासन ने ब्यास नदी में डेढ़ लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ने का निर्णय लिया है। मंडी शहर के पंचवक्त्र मंदिर तक पानी पहुंच गया है। धर्मपुर की लौंगनी पंचायत के स्याठी गांव में कई घर, गौशालाएं और मवेशी बह गए हैं।

हमीरपुर में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
हमीरपुर जिले के सुजानपुर उपमंडल के खेरी गांव में ब्यास नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि से 20 से ज्यादा लोग फंस गए। राहत की बात यह है कि अब तक 15 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर डटी हुई हैं और बचाव कार्य लगातार जारी है। जंगलबेरी से पुलिस की बटालियन को तैनात किया गया है।

शिक्षण संस्थानों में अवकाश, लोगों से सतर्क रहने की अपील
लगातार बारिश और भूस्खलन की आशंका के चलते मंडी, कांगड़ा और हमीरपुर जिलों में मंगलवार को सभी शिक्षण संस्थानों को बंद कर दिया गया है। इन जिलों के उपायुक्तों ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने, नदी-नालों से दूर रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

मौसम विभाग ने चंबा, मंडी, हमीरपुर, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों के लिए अगले 24 घंटे के लिए बाढ़ का येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं बिलासपुर, कांगड़ा, कुल्लू, शिमला, सिरमौर, सोलन और ऊना जिलों में भी कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है। राज्य में 6 जुलाई तक मौसम बिगड़ा रह सकता है।

राज्य में अब तक 44 मौतें, 75 करोड़ से अधिक की क्षति
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार 20 से 30 जून के बीच वर्षा जनित घटनाओं में 44 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 83 लोग घायल हुए हैं और 5 लोग अब भी लापता हैं। सोमवार शाम तक राज्य में 259 सड़कें बंद थीं, 614 ट्रांसफार्मर खराब हो चुके हैं और 130 से अधिक पेयजल योजनाएं बाधित हुई हैं। राज्य सरकार को अब तक बारिश से 75 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram