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25 लाख का इनामी TSPC सुप्रीमो ब्रजेश गंझू एनकाउंटर में ढेर, यूपी ATS का एक्शन

लाल बजरी के साम्राज्य पर प्रहार, यूपी-झारखंड का खौफ ब्रजेश गंझू के खौफनाक अध्याय का अंत

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Ranchi/UP: उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ते (UP ATS) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (TSPC) के सुप्रीमो ब्रजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता को वाराणसी में एक भीषण मुठभेड़ में मार गिराया है। 25 लाख रुपये के इस इनामी उग्रवादी का मारा जाना झारखंड और बिहार के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय उग्रवादी नेटवर्क के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक माना जा रहा है।
गुप्त सूचना के आधार पर यूपी एटीएस की टीम ने वाराणसी के एक संदिग्ध ठिकाने पर घेराबंदी की थी। खुद को घिरता देख उग्रवादी ब्रजेश गंझू ने सुरक्षा बलों पर ताबड़तोड़ गोलीबारी शुरू कर दी। एटीएस की जवाबी कार्रवाई में वह गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटनास्थल से अवैध हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किए जाने की खबर है।

कौन था ब्रजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता?

ब्रजेश गंझू झारखंड और बिहार के उग्रवादी तंत्र का एक बड़ा चेहरा था। कभी भाकपा माओवादी का हिस्सा रहे ब्रजेश ने वर्ष 2004 में अलग होकर TSPC संगठन की नींव रखी थी। वह कोल परियोजनाओं, ट्रांसपोर्टरों और ठेकेदारों से करोड़ों रुपये की लेवी (रंगदारी) वसूलने वाले नेटवर्क का मुख्य सूत्रधार था।
झारखंड पुलिस और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को हत्या, रंगदारी, टेरर फंडिंग और आर्म्स एक्ट जैसे दर्जनों गंभीर मामलों में उसकी लंबे समय से तलाश थी। सुरक्षा एजेंसियों ने उस पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।

उग्रवादी नेटवर्क को करारा झटका

झारखंड के चतरा, लातेहार और पलामू जैसे इलाकों में TSPC का दबदबा काफी समय से रहा है। हाल के दिनों में पुलिस और जांच एजेंसियों के बढ़ते दबाव के कारण ब्रजेश गंझू अपने सुरक्षित ठिकानों की तलाश में उत्तर प्रदेश के वाराणसी में शरण लिए हुए था। यूपी एटीएस के इस सटीक ऑपरेशन से TSPC की कमर पूरी तरह टूट गई है और उग्रवादी गतिविधियों पर लगाम कसने में मदद मिलेगी।
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