नई दिल्ली / रांची: देश के पूर्वी और पूर्वोत्तर हिस्सों में मानसून का विकराल रूप देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के हैदराबाद/हाइड्रोमेट डिवीजन स्थित फ्लैश फ्लड गाइडेंस सेल ने एक राष्ट्रीय बुलेटिन जारी कर चेतावनी दी है कि अगले 24 घंटों के दौरान देश के आठ राज्यों के कई इलाकों में अचानक बाढ़ (Flash Flood) और भारी जलजमाव का गंभीर खतरा बन गया है।
मौसम विभाग द्वारा जारी ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों के भीतर प्रभावित इलाकों में 240 मिलीमीटर तक मूसलाधार बारिश दर्ज की गई है। वहीं, पिछले 6 घंटों में ही 85 मिलीमीटर तक पानी बरसा है। लगातार हो रही इस भारी बारिश की वजह से जल निकायों और कैचमेंट एरिया में स्थिति बेहद नाजुक हो गई है।
70 से 100 फीसदी तक संतृप्त हुई मिट्टी, बहने लगा पानी
मौसम वैज्ञानिकों के सैटेलाइट और लैंड सरफेस मॉडल (LSM) आंकड़ों के अनुसार, उड़ीसा, झारखंड, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के कई जलग्रहण क्षेत्रों (Watersheds) की मिट्टी में नमी सोखने की क्षमता खत्म हो चुकी है। यहाँ मिट्टी 70 से 100 प्रतिशत तक पूरी तरह पानी से संतृप्त (Saturate) हो चुकी है। इसके चलते अब होने वाली ज़रा सी भी बारिश सीधे धरातल पर पानी के बहाव (Surface Runoff) और जलभराव का कारण बन रही है।
प्रोग्नोस्टिक मॉडल (Dynamic GFS व WRF) के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले 24 घंटों में इन क्षेत्रों में 80 मिलीमीटर तक और भारी बारिश होने की संभावना है, जिससे निचले इलाकों में पानी तेजी से भरने की आशंका है।
जानिए किन राज्यों और जिलों में मंडरा रहा है बाढ़ का खतरा:
मौसम विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों को तत्काल और आगामी खतरों के आधार पर विभाजित किया है:
1. ओडिशा (Odisha)
ओडिशा में अगले कुछ घंटों से लेकर 24 घंटों तक मध्यम से लेकर गंभीर फ्लैश फ्लड का खतरा बना हुआ है। राज्य के अंगुल, बालासोर, भद्रक, कटक, देवगढ़, ढेंकनाल, जाजपुर, झारसुगुड़ा, क्योंझर, मयूरभंज, संबलपुर और सुंदरगढ़ जिले मुख्य रूप से अलर्ट पर रखे गए हैं।
2. झारखंड (Jharkhand)
झारखंड के दक्षिणी और मध्य हिस्सों में स्थिति चिंताजनक है। कोल्हान क्षेत्र के पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और पश्चिमी सिंहभूम में तत्काल फ्लैश फ्लड का खतरा देखा गया है। इसके अलावा अगले 24 घंटों के दृष्टिकोण से रांची, खूंटी, धनबाद, हजारीबाग, लातेहार, लोहरदगा और सिमडेगा जिलों में भी मध्यम फ्लैश फ्लड रिस्क (FFR) की चेतावनी दी गई है।
3. पश्चिम बंगाल (Gangetic West Bengal)
गांगेय पश्चिम बंगाल के तटीय और मैदानी इलाकों में पानी का जमाव बढ़ता जा रहा है। पूर्व मेदिनीपुर, हावड़ा, दक्षिण 24 परगना, पश्चिम मेदिनीपुर, बांकुरा, झारग्राम और पुरुलिया जिलों के निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने का अंदेशा जताया गया है।
4. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh)
छत्तीसगढ़ के उत्तरी और जनजातीय इलाकों में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हो सकता है। बलरामपुर, जशपुर, कोरबा, कोरिया, रायगढ़ और सूरजपुर जिलों के कैचमेंट एरिया में अगले 24 घंटों के दौरान अचानक बाढ़ की संभावना बनी हुई है।
5. पूर्वोत्तर भारत (NMMT – नागालैंड, मिजोरम, मणिपुर, त्रिपुरा)
पूर्वोत्तर के राज्यों में भी पहाड़ी ढलानों और घाटियों में पानी के तेज बहाव की आशंका है। मणिपुर के चंदेल, चूड़ाचांदपुर, सेनापति, तमेंगलॉन्ग, उखरुल और नागालैंड के कोहिमा, मोकोकचुंग, मोन, फेक, तुएनसांग, जुन्हेबोटो तथा किफिरे जिलों में 24 घंटे का फ्लैश फ्लड अलर्ट जारी किया गया है।
प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश
मौसम विभाग ने गुवाहाटी, नागपुर, कोलकाता, अगरतला, आइजोल, कोहिमा, इम्फाल, रायपुर, भुवनेश्वर और रांची स्थित अपने क्षेत्रीय केंद्रों तथा बाढ़ प्रबंधन कार्यालयों (FMOs) को हाई अलर्ट जारी कर दिया है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों, नदी-नालों के करीब बसे ग्रामीणों और यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मिट्टी अत्यधिक गीली होने की वजह से पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और सड़कों पर पानी भरने से यातायात बाधित होने का भी खतरा है।





