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UP में विकास की रफ्तार बढ़ाने का योगी का प्लान, अफसरों को फील्ड में उतरने के निर्देश

लखनऊ: सीएम योगी की दो टूक, विकास प्रोजेक्ट्स फाइलों तक सीमित न रहें; चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे का टेंडर इसी महीने
लखनऊ में ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी 5.0 की तैयारियों पर सीएम योगी ने की उच्चस्तरीय बैठक: औद्योगिक निवेश को गति देने के लिए अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

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Lucknow: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के आला अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी विकास और औद्योगिक प्रोजेक्ट्स केवल दफ्तरों की फाइलों और बैठकों तक सीमित नहीं रहने चाहिए। वे गुरुवार को स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के तहत ‘सीएम समीक्षा’ की 8वीं उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शासन स्तर पर बैठे अपर मुख्य सचिव हों या जिलों में तैनात डीएम, सभी अधिकारियों को फील्ड में उतरना होगा। जमीन अधिग्रहण, टेंडर प्रक्रिया और विभागों के आपसी तालमेल की अड़चनों को तुरंत दूर कर विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ाई जाए।

चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे का टेंडर इसी महीने, लॉजिस्टिक हब को मिली रफ्तार

समीक्षा बैठक के दौरान राज्य के प्रमुख एक्सप्रेसवे और लॉजिस्टिक प्रोजेक्ट्स की प्रगति का ब्योरा सामने रखा गया:

– चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे: अधिकारियों ने सीएम को बताया कि इस प्रोजेक्ट के लिए चार टेंडर आ चुके हैं और इसी अक्टूबर महीने के भीतर टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।

– अन्य एक्सप्रेसवे: फर्रुखाबाद, आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक, झांसी और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 80 से 91 प्रतिशत तक जमीन का अधिग्रहण पूरा हो चुका है। वहीं, मेरठ-हरिद्वार, विंध्य और विंध्य-पूर्वांचल स्पर एक्सप्रेसवे के लिए सत्यापन का काम पूरा होने के बाद जमीन अधिग्रहण तेजी से आगे बढ़ रहा है।

– लॉजिस्टिक हब: ग्रेटर नोएडा में बन रहे मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक हब के लिए निर्धारित 323 हेक्टेयर जमीन में से 301 हेक्टेयर जमीन अब तक कब्जे में आ चुकी है। इसके अलावा, कामकाजी महिलाओं की मदद के लिए बनाए जा रहे हॉस्टलों के काम में तेजी लाने और उनके बेहतर संचालन के लिए नई नीति बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

9 लाख परिवारों को मिलेंगे आवास, बारिश के बाद बिजली व्यवस्था सुधारें

‘जीरो पावर्टी’ अभियान को लेकर मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि सिर्फ गरीब परिवारों की सूची बना लेने से काम नहीं चलेगा, बल्कि हर पात्र व्यक्ति को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिलना चाहिए।

– आवास योजना: बैठक में जानकारी दी गई कि चुने गए 12.50 लाख परिवारों में से करीब 9 लाख परिवार आवास के हकदार हैं, जिनमें से 30 हजार से ज्यादा के आवास मंजूर किए जा चुके हैं। बाकी परिवारों को आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड और रोजगार से जोड़ने की प्रक्रिया जारी है।

– बिजली व्यवस्था: हाल ही में हुई तेज बारिश से बिगड़ी बिजली व्यवस्था पर कड़ा निर्देश देते हुए सीएम ने कहा कि जहां भी फॉल्ट है, उसे तुरंत ठीक किया जाए। जनता की सुविधा के लिए बिजली विभाग का टोल-फ्री नंबर चौबीसों घंटे चालू रहना चाहिए ताकि लोग परेशान न हों। गलत बिजली बिल और बिजली चोरी रोकने के लिए हर फीडर का अनिवार्य रूप से ऑडिट कराने के निर्देश दिए गए हैं।

मंडियों में साफ-सफाई के निर्देश और 11 हजार गांवों में डिजिटल लाइब्रेरी

– अनाज मंडियां: किसानों को फसल बेचने में कोई असुविधा न हो, इसके लिए प्रदेश की अनाज मंडियों में साफ-सफाई पुख्ता रखने और परिसर में बारिश का पानी न भरने देने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

– फायर सेफ्टी: अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और होटलों में फायर सेफ्टी एनओसी (Fire Safety NOC) की समय पर जांच करने को कहा गया है।

– पीडब्ल्यूडी परियोजनाएं: पीडब्ल्यूडी (PWD) के 50 करोड़ रुपये से अधिक बजट वाली 279 परियोजनाओं को तय समय-सीमा के भीतर पूरा करने का आदेश दिया गया है।

– डिजिटल लाइब्रेरी: बैठक में एक सकारात्मक जानकारी सामने आई कि प्रदेश की 11,350 ग्राम पंचायतों में 454 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जा रही डिजिटल लाइब्रेरी में से 99 फीसदी में पढ़ाई शुरू हो चुकी है और नेशनल बुक ट्रस्ट की किताबें भी पहुँच चुकी हैं। शेष बचे कंप्यूटर व हार्डवेयर जल्द लगाकर पूरे सिस्टम की ऑनलाइन मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।

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