फॉण्ट कनवर्टर NEW

UP में 470 खिलाड़ियों को मिली पुलिस की नौकरी, ‘जर्सी से वर्दी’ तक सफर

उत्तर प्रदेश पुलिस में 470 कुशल खिलाड़ियों को मिले नियुक्ति पत्र: सीएम योगी बोले- 'जर्सी से वर्दी' की नई यात्रा हुई शुरू

अपनी भाषा में पढ़ें

Lucknow: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा अब तक लगभग 1,000 खिलाड़ियों को सीधी भर्ती के माध्यम से सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। इसी कड़ी में गुरुवार को पुलिस विभाग में कुशल खिलाड़ी कोटे के अंतर्गत चयनित 470 खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए।

लोक भवन, लखनऊ में आयोजित इस गरिमामयी समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने 15 चयनित खिलाड़ियों को अपने हाथों से नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस चयन प्रक्रिया में 303 पुरुष और 167 महिला खिलाड़ी शामिल हैं, जिनमें 295 आरक्षी नागरिक पुलिस, 43 उपनिरीक्षक (नागरिक पुलिस) और 132 आरक्षी (पीएसी) के पदों पर चुने गए हैं।

“यह किसी की अनुकंपा नहीं, खिलाड़ियों के परिश्रम का सम्मान है”

नवनियुक्त खिलाड़ियों को बधाई देते हुए सीएम योगी ने कहा कि आज से इन युवाओं की ‘जर्सी से वर्दी’ की नई यात्रा शुरू हो रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह नियुक्तियां किसी की कृपा या अनुकंपा का परिणाम नहीं हैं, बल्कि खिलाड़ियों के पसीने, कड़े परिश्रम और उनकी प्रतिभा का वास्तविक सम्मान है। चयन प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती गई है और किसी भी बाहरी सिफारिश या प्रभाव को हावी नहीं होने दिया गया है।

खेल नीति में बदलाव और खिलाड़ियों को बड़े पदों पर अवसर

मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में खिलाड़ियों को सीधी भर्ती के माध्यम से नौकरी देने की कोई स्पष्ट और प्रभावी व्यवस्था नहीं थी। मौजूदा सरकार ने खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए नीति में बदलाव किया है:

– डिप्टी एसपी के पद पर नियुक्ति: ओलंपिक और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश-प्रदेश का नाम रोशन करने वाले 7 कुशल खिलाड़ियों को सीधे डिप्टी एसपी के पद पर नियुक्त किया गया है। हॉकी खिलाड़ी ललित उपाध्याय और राजकुमार पाल इसके प्रमुख उदाहरण हैं।

– प्रोत्साहन राशि: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले प्रदेश के खिलाड़ियों को अब तक 200 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा चुकी है।

जमीनी स्तर पर खेल संस्कृति का विकास और सीएम के विशेष निर्देश

प्रदेश में खेल सुविधाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों से लेकर ब्लॉक, जिला और कमिश्नरी स्तर तक खेल के मैदान, मिनी स्टेडियम और आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। मेरठ में हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के नाम पर स्टेट स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की भी शुरुआत हो चुकी है।

इस दौरान सीएम ने पुलिस विभाग और खिलाड़ियों के लिए कुछ विशेष निर्देश और सुझाव भी दिए:

– नशा मुक्ति अभियान में भूमिका: खिलाड़ी अनुशासन और स्वस्थ जीवनशैली के प्रतीक होते हैं। उन्हें समाज में नशा मुक्ति अभियान का ब्रांड एंबेसडर बनना चाहिए।

– गांव गोद लेने की पहल: पुलिस विभाग में आए इन नवनियुक्त खिलाड़ियों को कम से कम एक गांव गोद लेने का सुझाव दिया गया है, ताकि वे सप्ताह में कम से कम एक दिन वहां जाकर युवाओं में खेल गतिविधियों को बढ़ावा दे सकें।

– सोशल मीडिया से दूरी: युवाओं को सचेत करते हुए सीएम ने कहा कि सोशल मीडिया की रील्स में लाइक्स मिल सकते हैं, लेकिन खेल का मैदान एक वास्तविक और उज्ज्वल ‘लाइफ’ देता है।

समारोह को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, खेल राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चंद्र यादव और पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने भी संबोधित किया और खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram