Patna: भ्रष्टाचार के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। आय से अधिक संपत्ति (DA) के मामले में ईओयू की विशेष टीम ने योजना एवं विकास विभाग के मुंगेर कार्यालय में तैनात कार्यपालक अभियंता नारद कुमार दास के विभिन्न ठिकानों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस दौरान उनके ठिकानों से भारी मात्रा में नकद और कीमती आभूषण बरामद किए गए हैं।
मुजफ्फरपुर और मुंगेर में मिला नोटों का जखीरा
ईओयू की विशेष टीम ने श्री दास के भागलपुर, मुंगेर, पटना और मुजफ्फरपुर स्थित कुल 5 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ यह कार्रवाई की।
– मुजफ्फरपुर: काजी मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के नया टोला स्थित राधिका अपार्टमेंट के फ्लैट (नंबर 2एफ) की तलाशी के दौरान 50 लाख 50 हजार रुपये नकद बरामद किए गए।
– मुंगेर: कासिम बाजार स्थित बेलन बाजार बंगाली टोला के एक किराए के आवास से 1 लाख 70 हजार रुपये नकद और करीब 30 लाख रुपये मूल्य के गहने बरामद हुए।
इस प्रकार, दोनों ठिकानों से कुल 52 लाख 20 हजार रुपये नकद जब्त किए गए हैं। बरामद नोटों की गिनती इतनी अधिक थी कि उन्हें गिनने के लिए बैंक से कैश काउंटिंग मशीन मंगवानी पड़ी।
आय से 65 प्रतिशत अधिक अवैध संपत्ति का खुलासा
आर्थिक अपराध इकाई से मिली प्रारंभिक सूचना के अनुसार, कार्यपालक अभियंता के ज्ञात और वैध स्रोतों से 83 लाख 53 हजार 200 रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति का पता चला है, जो उनकी कुल आय से 64.93 प्रतिशत अधिक है। फिलहाल इस मामले की गहन जांच चल रही है और जांच पूरी होने के बाद अवैध संपत्ति के आंकड़ों में और भी बढ़ोतरी होने की संभावना जताई जा रही है।
संपत्तियों और निवेश का पूरा ब्योरा
– करियर की पृष्ठभूमि: नारद कुमार दास मूल रूप से भागलपुर जिले के तिलकामांझी के रहने वाले हैं। उन्होंने साल 2014 में जल संसाधन विभाग में सहायक अभियंता के रूप में नौकरी शुरू की थी और वर्तमान में वे प्रतिनियुक्ति पर योजना एवं विकास विभाग के मुंगेर अभियंत्रण संगठन कार्य प्रमंडल में तैनात थे।
– वाहन और अन्य सामान: तलाशी के दौरान मुंगेर स्थित आवास से एक हुंडई i10 स्पोर्ट्स कार, मोटरसाइकिल और ज्वेलरी खरीद की कई रसीदें मिली हैं। वहीं, भागलपुर स्थित पैतृक आवास से जमीन खरीद के दस्तावेज और करीब 5 लाख रुपये के आभूषणों की रसीदें बरामद हुई हैं।
– बीमा और बैंक खाते: आदित्य बिड़ला और जीवन बीमा में निवेश के कागजात के अलावा, विभिन्न बैंकों के 4 खातों की पासबुक और चेकबुक भी हाथ लगे हैं। उनके बैंक खातों में जमा 17 लाख 15 हजार 688 रुपये की राशि को फ्रिज करा दिया गया है।
– बेनामी संपत्ति: जांच में यह भी सामने आया है कि इसी वर्ष पटना के रूपसपुर थाना क्षेत्र के कुसुमपुरम मोहल्ला में उनकी सास (बीना विद्यार्थी) के नाम पर 3.9 डिसमिल जमीन खरीदी गई है, जिसकी चहारदीवारी भी कराई गई है। इस जमीन की खरीद में 50 लाख रुपये का निवेश किया गया है, जिसका वर्तमान बाजार मूल्य करीब 1.50 करोड़ रुपये आंका जा रहा है। इस संपत्ति को खरीदने के लिए कई स्तरों पर लेयरिंग करते हुए अभियुक्त की पत्नी के खाते से पैसे दूसरे खातों में ट्रांसफर किए गए थे।
ईओयू द्वारा इस पूरे मामले में मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के अन्य पहलुओं की बेहद बारीकी से जांच की जा रही है।




