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पटमदा हादसे की खौफनाक रात, लापता युवक सुबह जिंदा मिला तो खुला राज

Jamshedpur news: पूर्वी सिंहभूम जिले के पटमदा थाना क्षेत्र अंतर्गत टाटा–पटमदा मुख्य सड़क पर रविवार रात कड़कड़ाती ठंड में एक भयावह सड़क हादसे ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। पटमदा के धूसरा में जाहिर स्थान के समीप कार और बाइक की जोरदार टक्कर के

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Jamshedpur news: पूर्वी सिंहभूम जिले के पटमदा थाना क्षेत्र अंतर्गत टाटा–पटमदा मुख्य सड़क पर रविवार रात कड़कड़ाती ठंड में एक भयावह सड़क हादसे ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। पटमदा के धूसरा में जाहिर स्थान के समीप कार और बाइक की जोरदार टक्कर के बाद जहां वाहन के कल-पुर्जे टूकडे टूकडे गए, वहीं बाइक सवार युवक रातभर लापता रहा। करीब आठ घंटे बाद सोमवार सुबह घायल अवस्था में उसके मिलने पर पूरी घटना की परतें खुलीं।

रविवार रात करीब आठ बजे हुई इस दुर्घटना में बाइक और कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक का अगला चक्का तक अलग होकर सड़क पर जा गिरा। हादसे के बाद कार सवार लोग सुरक्षित बाहर निकल आए, लेकिन बाइक चालक मौके से गायब हो गया। सूचना मिलते ही पटमदा पुलिस मौके पर पहुंची और क्षतिग्रस्त कार व बाइक को जब्त कर छानबीन शुरू की।

पटमदा थाना प्रभारी करमपाल भगत के नेतृत्व में स्थानीय झामुमो नेता हरिहर सिंह, बामनी निवासी धर्म किस्कू और ग्रामीणों ने देर रात तक घायल बाइक चालक की तलाश की। मुख्य सड़क से लेकर आसपास के जंगल और झाड़ियों में टॉर्च की रोशनी में तलाशी अभियान चला, लेकिन युवक का कोई सुराग नहीं मिला। इससे पुलिस के साथ-साथ स्थानीय लोग भी चिंतित रहे।

सोमवार सुबह करीब आठ बजे अचानक घायल अवस्था में एक युवक मुख्य सड़क पर दिखाई दिया। वह बारूडीह निवासी 19 वर्षीय रोहन सिंह था, जो चंदन सिंह की बाइक पर सवार होकर ठनठनी घाटी स्थित मां काली होटल पहुंचा। होटल में मौजूद लोगों को देखकर उसने पूरी आपबीती सुनाई और कहा कि किस्मत ने उसे नया जीवन दिया है।

रोहन के अनुसार वह अपने तिलाईटांड़ (सारी) स्थित घर से एक परिचित की बाइक लेकर भुईयांसिनान टुसू मेला गया था। लौटते समय एक तेज रफ्तार बाइक ने ओवरटेक करते हुए उसे टक्कर मार दी, जिससे वह संतुलन खो बैठा और जमशेदपुर की ओर जा रही कार से भिड़ गया। हादसे के बाद वह बुरी तरह घबरा गया और जान बचाने के लिए जंगल की ओर भाग गया।

डर और चोट के कारण रोहन चिटाबुरु जंगल में काफी देर तक छिपा रहा। सड़क किनारे पुलिस द्वारा टॉर्च से तलाशी अभियान चलने के कारण वह बाहर नहीं निकल सका। इस दौरान सबर टोला की ओर जाने की कोशिश में चोटों के कारण वह बेहोश हो गया और कड़ाके की ठंड में करीब आठ घंटे तक जंगल के पास पड़ा रहा। सुबह होश आने पर किसी तरह मुख्य सड़क तक पहुंच सका।

धर्म किस्कू ने बताया कि रोहन पूर्व में मां काली होटल में काम कर चुका है। करीब डेढ़ महीने पहले वह मजदूरी के लिए कर्नाटक गया था और टुसू पर्व में घर लौटा था। रविवार की रात यह हादसा हो गया। सुबह नौ बजे के बाद उसे अस्पताल ले जाकर इलाज कराया गया।

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