Chaibasa News: पश्चिम सिंहभूम में उन लोगों के लिए राहत की बड़ी खबर आई है, जिनके पुराने बैंक या निवेश से जुड़ी रकम वर्षों से अनक्लेम्ड पड़ी थी। जिले में ऐसे करीब 2.58 लाख खातों में 100.96 करोड़ रुपये जमा हैं। इन्हीं खातों को निपटाने और लोगों को उनका पैसा वापस दिलाने के लिए शुक्रवार को जिला स्तरीय शिविर की शुरुआत हुई। शिविर चाईबासा स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा (पोस्ट ऑफिस चौक) में सुबह 11 बजे से शुरू हुआ।

10 साल से निष्क्रिय खातों की रकम DEAF फंड में जाती है

बैंकों के अनुसार जिन खातों में 10 साल तक कोई लेन-देन नहीं होता, उन्हें अनक्लेम्ड घोषित कर दिया जाता है। यह राशि बाद में RBI के DEAF फंड में चली जाती है। यही प्रक्रिया शेयर, डिविडेंड, बीमा, म्यूचुअल फंड और छोटी बचत योजनाओं के अनक्लेम्ड पैसे के साथ भी होती है, जो अलग-अलग नियामक संस्थानों के फंड में पहुंच जाती है।

देशभर में चल रहा है अनक्लेम्ड एसेट अभियान

वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग ने 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर तक पूरे देश में “अनक्लेम्ड एसेट्स के कुशल एवं त्वरित निपटान अभियान” चला रखा है। पश्चिम सिंहभूम इस अभियान के पांचवें चरण में शामिल है, और इसलिए पूरे जिले में जागरूकता के साथ शिविर आयोजन किए जा रहे हैं।

लोगों को मौके पर ही मिलेगी मदद

शिविर में बैंक, बीमा कंपनियां, म्यूचुअल फंड, प्रतिभूति कंपनियां और पेंशन संस्थान स्टॉल लगाकर आए हुए लोगों की सहायता कर रहे हैं। जो भी व्यक्ति अपना KYC दस्तावेज—आधार, पैन और फोटो—जमा करता है, उसे ब्याज सहित उसकी राशि वापस मिल सकेगी।

दस्तावेज न हों, तब भी रास्ता खुला है

अगर किसी व्यक्ति के पास पासबुक या पुराने दस्तावेज नहीं हैं, तो वह RBI के उदगम पोर्टल पर अपना नाम, PAN और जन्मतिथि डालकर पुराने खातों की खोज कर सकता है। जिन खाताधारकों की मृत्यु हो चुकी है, उनके नोमिनी या उत्तराधिकारी आवश्यक दस्तावेज देकर राशि का दावा कर सकते हैं।

अन्य योजनाओं में नामांकन भी होगा

शिविर में अनक्लेम्ड राशि के निपटान के साथ जनधन खाता, पीएम जीवन ज्योति बीमा योजना, पीएम सुरक्षा बीमा और अटल पेंशन योजना में भी मौके पर नामांकन की सुविधा दी जा रही है।

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