World News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के दौरान एक बार फिर से सरकारी शटडाउन लागू हो गया है। यह तीसरा मौका है जब उनकी सरकार बजट और फंडिंग विवाद के चलते ठप पड़ी है। अमेरिकी समय के मुताबिक आधी रात से ही नया शटडाउन प्रभावी हो गया।

पहले दो शटडाउन कब हुए थे?

ट्रंप कार्यकाल का पहला शटडाउन 22 दिसंबर 2018 से 25 जनवरी 2019 तक चला था। यह कुल 35 दिनों तक जारी रहा और अमेरिकी इतिहास का सबसे लंबा शटडाउन माना गया। इसका मुख्य कारण मैक्सिको बॉर्डर पर दीवार निर्माण की फंडिंग को लेकर विवाद था। ट्रंप ने कांग्रेस से 5.7 बिलियन डॉलर की मांग की थी, जबकि डेमोक्रेट्स ने इसे मंजूरी से इनकार कर दिया था। इसके बाद दूसरा शटडाउन 14 फरवरी 2019 को हुआ, जो तीन दिन तक चला था।

फंडिंग बिल अटका, आरोप-प्रत्यारोप तेज

इस बार भी शटडाउन का कारण कांग्रेस में फंडिंग बिल का पास न होना है। न तो रिपब्लिकन और न ही डेमोक्रेट्स किसी समझौते पर पहुंच सके। रिपब्लिकन बहुमत वाली सीनेट ने डेमोक्रेट्स का हेल्थकेयर और घरेलू योजनाओं वाला बिल खारिज कर दिया, जबकि डेमोक्रेट्स ने रिपब्लिकन का शॉर्ट-टर्म फंडिंग प्लान रोक दिया। इस गतिरोध के चलते सरकार को औपचारिक रूप से बंद करना पड़ा। सीनेट के रिपब्लिकन लीडर जॉन थ्यून ने डेमोक्रेट्स को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि उनकी राजनीतिक जिद अमेरिकी जनता पर भारी पड़ रही है। वहीं, डेमोक्रेटिक लीडर चक शूमर ने पलटवार करते हुए कहा कि रिपब्लिकन बातचीत से इनकार कर हेल्थकेयर को खतरे में डाल रहे हैं।

कर्मचारियों और सेवाओं पर बड़ा असर

शटडाउन के असर से लाखों सरकारी कर्मचारियों को बिना वेतन छुट्टी पर भेजा जाएगा, जबकि जरूरी सेवाओं जैसे—सुरक्षा, सेना, एयर ट्रैफिक कंट्रोल, सीमा सुरक्षा और पेंशन भुगतान जारी रहेंगे। हालांकि इनमें शामिल कई कर्मचारी बिना तनख्वाह काम करने को मजबूर होंगे। नेशनल पार्क और म्यूजियम बंद कर दिए जाएंगे तथा पासपोर्ट और वीजा से जुड़े कार्य धीमे हो जाएंगे।

व्हाइट हाउस का बयान और चेतावनी

व्हाइट हाउस ने डेमोक्रेट्स की नीतियों को “पागलपन” करार देते हुए विपक्ष पर देश को संकट में धकेलने का आरोप लगाया। राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो बड़े पैमाने पर छंटनी करनी पड़ सकती है। रक्षा मंत्रालय ने घोषणा की है कि सेना और रिजर्व फोर्स बिना वेतन काम करती रहेंगी।

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