Switzerland: अमेरिका और ईरान के बीच शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में होने वाली महत्वपूर्ण वार्ता अचानक टाल दी गई है। इस बीच मध्य पूर्व में तनाव कम होने के बजाय और बढ़ता दिखाई दे रहा है। लेबनान में इजराइली हमले लगातार जारी हैं, जिनमें कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 33 अन्य घायल बताए जा रहे हैं। अमेरिकी समाचार चैनल एबीसी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, स्विस विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि अमेरिका, ईरान, कतर और पाकिस्तान के प्रतिनिधियों के बीच प्रस्तावित बैठक फिलहाल स्थगित कर दी गई है। मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि स्विट्जरलैंड भविष्य में होने वाली किसी भी वार्ता में सहयोग देने के लिए तैयार है और बैठक से जुड़ी तैयारियां जारी रहेंगी।
Read more: लेबनान हमलों से बिगड़ी थी ईरान से शांति वार्ता, नेतन्याहू पर भड़के ट्रंप
स्विस अधिकारियों के मुताबिक, व्हाइट हाउस ने देर रात जानकारी दी कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ईरान के साथ हुए समझौते को लागू करने से संबंधित प्रारंभिक बातचीत के लिए स्विट्जरलैंड नहीं जाएंगे। इसके बाद निर्धारित बैठक को स्थगित करने का फैसला लिया गया। यह बैठक ल्यूसर्न के निकट स्थित बुर्गेनस्टॉक रिसॉर्ट क्षेत्र में आयोजित होने वाली थी, जिसमें कतर और पाकिस्तान के अधिकारी भी मध्यस्थ की भूमिका निभाने वाले थे। उधर, लेबनान में हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। लेबनान के जन स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, दक्षिणी लेबनान के 11 अलग-अलग कस्बों और गांवों में रातभर हुए इजराइली हवाई हमलों में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा 33 लोग घायल हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि कई प्रभावित क्षेत्रों तक राहत और बचाव दल अभी भी नहीं पहुंच सके हैं।
मंत्रालय ने बताया कि लगातार जारी हमलों के कारण बचाव अभियान प्रभावित हो रहा है और कई इलाकों में मलबे के नीचे लोगों के फंसे होने की आशंका है। दूसरी ओर, इजराइल डिफेंस फोर्सेस (आईडीएफ) ने दावा किया है कि दक्षिणी लेबनान में चलाए गए सैन्य अभियान के दौरान उसके चार सैनिक भी मारे गए हैं। गौरतलब है कि हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौते की घोषणा हुई थी, जिसके बाद क्षेत्र में तनाव कम होने की उम्मीद जताई जा रही थी। हालांकि लेबनान में जारी सैन्य कार्रवाई और वार्ता के स्थगित होने से शांति प्रक्रिया को बड़ा झटका लगा है।
Read more: लेबनान में फिर छूटे बारूद के गोले, यूएन शांति सैनिक की मौत से मचा हड़कंप!
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका-ईरान वार्ता जल्द दोबारा शुरू नहीं होती और क्षेत्रीय संघर्षों पर नियंत्रण नहीं पाया गया, तो मध्य पूर्व में अस्थिरता और बढ़ सकती है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि वार्ता कब दोबारा शुरू होगी और क्षेत्र में हिंसा पर कब विराम लगेगा।
