Career Adda: केंद्र सरकार के विभिन्न तकनीकी विभागों में क्लास-वन राजपत्रित अधिकारी बनने का सपना देख रहे इंजीनियरिंग स्नातकों के लिए सुनहरा अवसर सामने आया है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने प्रतिष्ठित ‘इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा 2027’ (Engineering Services Examination – ESE) के लिए आधिकारिक भर्ती विज्ञापन जारी कर दिया है। योग्य और इच्छुक उम्मीदवार आयोग के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, जिसकी आवेदन प्रक्रिया 16 सितंबर से शुरू हो चुकी है। यह भर्ती देश के प्रमुख बुनियादी ढांचा, रेलवे, दूरसंचार और रक्षा विनिर्माण से जुड़े विभागों में तकनीकी नेतृत्व के पदों के लिए आयोजित की जाती है।
चार शाखाओं में अवसर
इस प्रतिष्ठित भर्ती अभियान के तहत सिविल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग शाखाओं के अंतर्गत रिक्तियों को भरा जाएगा। आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से संबंधित ट्रेड में इंजीनियरिंग की डिग्री (B.E./B.Tech) होना अनिवार्य है। इसके अलावा, भारतीय रेल सेवा (IRRS) जैसे विशिष्ट पदों के लिए भौतिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स, वायरलेस या कम्युनिकेशन में एमएससी डिग्री धारक भी पात्र माने जाएंगे। जिन अभ्यर्थियों ने इंस्टीट्यूशन ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियर्स (IETE) या एसोसिएट मेंबरशिप एग्जामिनेशन (AMIE) उत्तीर्ण किया है, वे भी इस परीक्षा में सम्मिलित होने के योग्य हैं।
21 से 30 वर्ष उम्र सीमा
आयोग द्वारा निर्धारित पात्रता मानदंडों के अनुसार, उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 30 वर्ष तय की गई है। आयु की गणना 1 जनवरी 2027 को आधार मानकर की जाएगी, जिसका सीधा अर्थ है कि आवेदक का जन्म 2 जनवरी 1997 से पहले और 1 जनवरी 2006 के बाद का नहीं होना चाहिए। केंद्र सरकार के कार्मिक नियमों के अनुरूप अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), दिव्यांग और भूतपूर्व सैनिकों को अधिकतम आयु सीमा में नियमानुसार विशेष छूट प्रदान की जाएगी।
तीन चरणों में चयन
चयन प्रक्रिया को तीन कड़े और पारदर्शी चरणों में विभाजित किया गया है, जिसमें प्रारंभिक परीक्षा (Preliminary), मुख्य परीक्षा (Mains) और व्यक्तित्व परीक्षण (Interview) शामिल हैं। पहले चरण में 500 अंकों की बहुविकल्पीय वस्तुनिष्ठ परीक्षा होगी, जिसमें 200 अंकों का सामान्य अध्ययन व इंजीनियरिंग एप्टीट्यूड और 300 अंकों का तकनीकी पेपर शामिल रहेगा। प्रीलिम्स में सफल अभ्यर्थियों को दूसरे चरण यानी 600 अंकों की मुख्य लिखित परीक्षा में शामिल होना होगा, जिसमें तीन-तीन घंटे के दो वर्णनात्मक (कन्वेंशनल) प्रश्नपत्र होंगे। मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले मेधावियों को अंतिम चरण में 200 अंकों के साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा, जिसके बाद अंतिम मेरिट सूची तैयार होगी।




