Lucknow: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 3.53 लाख रसोइयों के लिए सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी चार बड़ी घोषणाएं कीं। रसोइया सम्मान समारोह में उन्होंने मानदेय बढ़ाकर ₹3,000 करने, दुर्घटना की स्थिति में ₹2 लाख की सहायता, परिवार को सालाना ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज और ड्रेस के लिए मिलने वाली राशि दोगुनी करने का ऐलान किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा और शिक्षा तथा कानून-व्यवस्था को लेकर पिछली सरकार पर सवाल उठाए।
रसोइयों का मानदेय ₹3,000, मिलेंगी चार सुविधाएं
लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 3.53 लाख रसोइयों के लिए सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं की घोषणा की। इनमें मानदेय बढ़ाने के साथ दुर्घटना और इलाज की सुविधा भी शामिल है।
सरकार के अनुसार रसोइयों के लिए घोषित प्रमुख सुविधाएं हैं:
- मानदेय बढ़ाकर ₹3,000 प्रति माह करना।
- दुर्घटना की स्थिति में परिवार को ₹2 लाख की सहायता।
- रसोइया परिवार को सालाना ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज।
- ड्रेस के लिए मिलने वाली राशि को दोगुना करना।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में 11 रसोइयों को प्रतीकात्मक रूप से कैशलेस चिकित्सा कार्ड भी वितरित किए। प्रदेशभर से करीब 1,500 रसोइयों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। जिला और तहसील स्तर पर भी रसोइयों के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किए गए।
बैंक खाते में सीधे पहुंचेगा मानदेय
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब तक रसोइयों के लिए सामाजिक सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। सरकार रसोइयों के बैंक खाते खुलवाकर उनका मानदेय सीधे खाते में भेजेगी। उन्होंने बताया कि दुर्घटना की स्थिति में परिवार को ₹2 लाख की सहायता दी जाएगी। बीमारी की स्थिति में रसोइया परिवार के सदस्य सूचीबद्ध अस्पतालों में सालाना ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज करा सकेंगे।
भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि रसोइयों की जिम्मेदारी सिर्फ बच्चों का पेट भरने तक सीमित नहीं है। उनका काम बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराकर स्वस्थ बचपन तैयार करने से भी जुड़ा है। उन्होंने रसोइयों से रसोई की साफ-सफाई बनाए रखने और निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन तैयार करने की अपील की। योगी ने भोजन तैयार करने में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने को कहा। उन्होंने रसोई में अनधिकृत लोगों के प्रवेश को रोकने और भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की बात कही, ताकि खाद्य विषाक्तता जैसी घटनाओं की गुंजाइश न रहे।
जर्जर स्कूलों के वीडियो पर विपक्ष को घेरा
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश में जर्जर स्कूल भवनों को लेकर सामने आ रहे वीडियो पर भी विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के कार्यकाल में इन भवनों का निर्माण हुआ, वही आज उनकी बदहाली के वीडियो दिखा रहे हैं। योगी ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की स्थिति खराब थी। उनके मुताबिक गरीब परिवारों के बच्चों को गर्मी और सर्दी में मुश्किल परिस्थितियों में स्कूल जाना पड़ता था। उन्होंने दावा किया कि अब बच्चों को यूनिफॉर्म, जूते-मोजे और स्वेटर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जर्जर स्कूल भवनों को चिह्नित कर उन्हें नए भवनों में बदलने का काम कर रही है। उन्होंने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के विस्तार, बालवाटिका और आईसीटी लैब जैसी सुविधाओं का भी जिक्र किया।
सपा सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर हमला
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी सरकार पर कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के समय जमीनों पर कब्जे होते थे और बेटियों की सुरक्षा को लेकर लोगों में चिंता रहती थी। योगी ने दावा किया कि अब प्रदेश की कानून-व्यवस्था में बदलाव आया है और बेटियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का नाम लिए बिना मुख्यमंत्री ने उन्हें ‘बबुआ’ कहकर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि सरकार चलाने के लिए समय और मेहनत दोनों की जरूरत होती है। उनके मुताबिक उनकी सरकार लगातार काम करती है और योजनाओं तथा विभागों के काम की नियमित समीक्षा करती है।
‘जो दोपहर में उठते थे, उनके पास समय कहां था’
योगी ने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग दोपहर में उठते थे, तैयार होने के बाद शाम को जिम जाते थे और फिर महफिल जमती थी, उनके पास प्रदेश के लिए समय कहां था। उन्होंने कहा कि आज सरकार के पास प्रदेश के लिए पर्याप्त समय है और इसी वजह से योजनाओं के परिणाम दिखाई दे रहे हैं। मुख्यमंत्री के इस बयान को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सपा पर उनके राजनीतिक हमले के तौर पर देखा गया।




