गुमला:-बिशुनपुर क्षेत्र के घने जंगलों में अवैध खनन माफिया एक बार फिर कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती दे रहे हैं। अवैध बॉक्साइट खनन को रोकने पहुंची वन विभाग की टीम पर गुरुवार को नकाबपोश बदमाशों ने अचानक धावा बोल दिया। हमलावरों ने सरकारी कर्मियों को बुरी तरह पीटकर लहूलुहान कर दिया और विभाग द्वारा पकड़े गए पांच ट्रक बॉक्साइट सहित दो जेसीबी मशीनें जबरन छीनकर जंगल की ओर भाग निकले।

घात लगाकर किया गया हमला, वनकर्मी और चालक घायल

लोहरदगा रेंज से पहुंचे लगभग 15 सदस्यों की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि हड़प क्षेत्र के जंगलों में बड़े पैमाने पर अवैध खनन चल रहा है। टीम ने मौके पर छापेमारी की और पांच ट्रकों को जब्त किया ही था कि तभी झाड़ियों में छिपे हमलावर लाठी–डंडों के साथ टूट पड़े।
हमले में एक कर्मचारी और चालक बुरी तरह जख्मी हो गए, जबकि सरकारी वाहन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया।

सरकारी संपत्ति की लूट, प्रशासन की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न

अवैध खनन पर रोक लगाने गई टीम पर हमला यह साफ दिखाता है कि खनन गिरोह कितने संगठित और बेखौफ हैं। दिनदहाड़े सरकारी टीम को निशाना बनाए जाने से ग्रामीणों में भय का माहौल है और लोगों ने प्रशासन की कमजोर कार्रवाई पर नाराजगी जताई है।

माफिया की साजिश, बड़े नामों की भूमिका से इनकार नहीं

वन विभाग के सूत्रों का कहना है कि यह हमला किसी छोटी आपराधिक वारदात का हिस्सा नहीं, बल्कि एक संगठित खनन नेटवर्क की योजना है। स्थानीय स्तर पर कुछ प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता की भी आशंका जताई जा रही है।

तीन पर नामजद FIR, कई अज्ञात—but गिरफ्तारी शून्य

बिशुनपुर थाना में गुड्डू साहू, संदीप साहू, शिवनाथ उरांव समेत कई अज्ञात लोगों पर केस दर्ज कर लिया गया है। बावजूद इसके, अब तक एक भी गिरफ्तारी न होना लोगों के आक्रोश को और बढ़ा रहा है।

ग्रामीणों की मांग—कठोर कार्रवाई हो, गिरोह का सफाया किया जाए

स्थानीय जनता ने जिल प्रशासन और पुलिस से ठोस कदम उठाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि अभी भी कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो जंगल क्षेत्र पूरी तरह खनन माफिया के हवाले हो जाएगा।

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