अपनी भाषा चुनेें :
बटन दबाकर थोड़ा इंतज़ार करें...
New Delhi: दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को मंगलवार को चार दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद यह फैसला सुनाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
Read more: चास मेयर चुनाव: इरफान अंसारी के ‘19%’ वाले दांव पर बिरंची नारायण का ‘81%’ वाला पलटवार
मंगलवार सुबह उदय भानु चिब को हिरासत में लेने और पूछताछ के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। दिल्ली पुलिस ने अदालत से सात दिन की रिमांड मांगी थी। पुलिस की दलील थी कि चिब इस कथित साजिश के मुख्य सूत्रधार रहे हैं और उन्होंने ही प्रदर्शनकारियों को दिशा-निर्देश दिए थे। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन में देश के विभिन्न हिस्सों से लोग शामिल हुए थे, इसलिए आरोपी को उन स्थानों पर ले जाकर जांच करना आवश्यक है।
वैश्विक मंच पर छवि बिगाड़ने का आरोप
पुलिस के वकील ने अदालत को बताया कि जिस समय यह घटनाक्रम हुआ, वहां भारत मंडपम में कई विदेशी प्रतिनिधि मौजूद थे। पुलिस के अनुसार, इस प्रदर्शन के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई, जो राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। पुलिस का दावा है कि जो लोग भारत मंडपम पहुंचे थे, वे सीधे चिब के संपर्क में थे।
बचाव पक्ष ने दी अपनी दलील
दूसरी ओर, उदय भानु चिब के वकील ने पुलिस कस्टडी का पुरजोर विरोध किया। बचाव पक्ष ने दलील दी कि उनके मुवक्किल जांच में सहयोग कर रहे हैं और केवल टी-शर्ट बरामद करने के नाम पर कस्टडी मांगना तर्कसंगत नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी निहत्थे और शांतिपूर्ण थे। वकील ने यह भी तर्क दिया कि टी-शर्ट कहीं भी छपवाई जा सकती हैं, इसके लिए फैक्ट्री की जांच का आधार निराधार है।
अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद दोपहर 12:30 बजे अपना आदेश सुनाया और चिब को चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेजने का निर्णय लिया।

