Beijing, China: पूर्वी चीन के तटीय इलाके में कमजोर पड़ चुका ट्रॉपिकल चक्रवात ‘सौडेल’ (Saudel) दक्षिण चीन सागर के ऊपर पहुंचते ही अचानक दोबारा सक्रिय हो गया है। गर्म समुद्री जल से पर्याप्त नमी और ऊर्जा मिलने के कारण यह सिस्टम फिर से ट्रॉपिकल डिप्रेशन में तब्दील होकर पूर्वी एशिया की ओर बढ़ रहा है। हांगकांग वेदर ऑब्जर्वेटरी ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए टी-1 टाइफून सिग्नल लागू कर दिया है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, किसी चक्रवात का कमजोर पड़ने के बाद इस तरह दोबारा ताकत हासिल करना मौसम विज्ञान के इतिहास में एक दुर्लभ घटना है। तूफान के साथ उत्तर-पूर्वी मानसूनी हवाओं के टकराने से तटीय और पहाड़ी क्षेत्रों में 100 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।
पर्ल रिवर डेल्टा की ओर मुड़ सकता है तूफान का रुख
100 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, उत्तर-पूर्वी दक्षिण चीन सागर में कुछ समय ठहरने के बाद गुरुवार को यह तूफान पश्चिम दिशा की ओर मुड़ सकता है। यदि ऐसा होता है, तो यह पूर्वी गुआंगडोंग के तटीय हिस्से को छूते हुए शुक्रवार और शनिवार तक पर्ल रिवर डेल्टा के नजदीक पहुंच जाएगा। हालात को देखते हुए प्रशासन नंबर 3 स्ट्रॉन्ग विंड सिग्नल जारी करने पर विचार कर रहा है, जिसके प्रभाव से पेड़ों की टहनियां टूटने और होर्डिंग्स गिरने का खतरा बढ़ जाता है।
जमीन और समुद्र के प्रभाव पर टिकी तूफान की ताकत
हांगकांग ऑब्जर्वेटरी के वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी कोक मांग-हिन ने बताया कि सौडेल का प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि वह जमीन के कितना करीब रहता है। जमीन से टकराने पर घर्षण के कारण इसकी शक्ति तेजी से कम हो सकती है, लेकिन यदि यह तटीय पानी के ऊपर बना रहा, तो लगातार मिल रही नमी के कारण इसका असर लंबे समय तक बना रहेगा।
कैसे दोबारा सक्रिय हुआ चक्रवात सौडेल?
‘सौडेल’ नाम फेडरेटेड स्टेट्स ऑफ माइक्रोनेशिया द्वारा दिया गया है। इससे पहले यह पूर्वी चीन के झेजियांग प्रांत में लैंडफॉल के बाद कमजोर पड़कर महज एक निम्न दबाव (Low-Pressure Area) के क्षेत्र में बदल चुका था। हालांकि, समुद्र में इसके अवशेषों को गर्म पानी और अनुकूल परिस्थितियों से दोबारा ऊर्जा मिली, जिससे यह सिस्टम फिर से सक्रिय हो उठा।




