रामगढ़: झारखंड के रामगढ़ जिले में सक्रिय गैंगस्टर और अपराधियों के खिलाफ पुलिस का ‘ऑपरेशन क्लीन’ रंग ला रहा है। रामगढ़ एसपी अजय कुमार की मुस्तैदी और सटीक रणनीति के चलते पतरातू क्षेत्र में एक बड़ी खूनी वारदात होने से पहले ही टल गई। पुलिस ने कुख्यात गैंगस्टर राहुल दुबे गैंग के दो गुर्गों को घातक हथियारों के साथ दबोच लिया है।

चेकिंग के दौरान धरे गए ‘यमदूत’

मंगलवार को एसपी अजय कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पुलिस को खुफिया जानकारी मिली थी कि राहुल दुबे गैंग के शूटर किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए निकल चुके हैं। सूचना मिलते ही पतरातू एसडीपीओ गौरव गोस्वामी के नेतृत्व में ‘एंटी क्राइम चेकिंग’ अभियान तेज कर दिया गया।

पतरातू थाना क्षेत्र के हेसला गांव के पास जब पुलिस ने एक संदिग्ध बाइक (JH 02 AB 5319) को रोका, तो उस पर सवार दो युवकों की सिट्टी-पिट्टी गुम हो गई। तलाशी के दौरान पुलिस भी दंग रह गई। आरोपी करण करमाली के पास से 7.65 MM की लोडेड देशी पिस्तौल मिली, जिसमें तीन गोलियां पहले से भरी हुई थीं। हद तो तब हो गई जब बाइक के करियर पर टंगे एक साधारण से थैले की तलाशी ली गई, जिसमें से 9 MM की लोडेड देशी कार्बाइन और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए।

गैंगस्टर के इशारे पर उगलनी थी आग

पकड़े गए अपराधियों की पहचान हेसला निवासी करण करमाली और जनता नगर निवासी शिवम मिश्रा उर्फ नंदू के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों ने कबूला कि वे राहुल दुबे गैंग के लिए काम करते हैं और उसी के इशारे पर किसी खास टारगेट को निशाना बनाने के लिए निकले थे। सिर्फ इतना ही नहीं, अपराधियों ने 4 अप्रैल को पतरातू स्थित ‘ओसम डेयरी प्लांट’ में हुई फायरिंग में भी अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। इससे यह साफ हो गया है कि इलाके में दहशत फैलाने के पीछे इसी गैंग का हाथ था।

टीम वर्क का मिला सुखद परिणाम

इस सफल ऑपरेशन में पतरातू इंस्पेक्टर सत्येंद्र कुमार सिंह, थाना प्रभारी शिवलाल कुमार गुप्ता समेत कई थानों के प्रभारियों की अहम भूमिका रही। एसपी ने साफ संदेश दिया है कि जिले में गैंगस्टरों का कोई भी दांव अब कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।

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