Chaibasa News:  पश्चिमी सिंहभूम जिले में अफीम (पोस्ता) की अवैध खेती और उसके कारोबार से जुड़े एक मामले में अदालत ने दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए पांच-पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोनों दोषियों पर 10-10 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है।

यह मामला टोंटो थाना क्षेत्र का है, जहां वर्ष 2020 में पुलिस ने अफीम की अवैध खेती और उससे जुड़े कारोबार की सूचना मिलने के बाद कार्रवाई की थी। इस संबंध में 19 मार्च 2020 को टोंटो थाना कांड संख्या 06/2020 दर्ज किया गया था। मामले में बड़ा कूचियां गांव निवासी सुरजा दुराईबुरू तथा गर्दी सुंडी को आरोपी बनाया गया था। दोनों के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

पुलिस जांच के दौरान दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। अनुसंधान के क्रम में पुलिस ने मामले से संबंधित साक्ष्यों और दस्तावेजों को एकत्रित कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। इसके बाद एनडीपीएस केस संख्या 06/2021 के रूप में मामले की सुनवाई शुरू हुई।

लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद शनिवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम विनोद कुमार सिंह, पश्चिमी सिंहभूम चाईबासा की अदालत ने दोनों अभियुक्तों को एनडीपीएस एक्ट की धारा 18(सी) के तहत दोषी करार दिया। अदालत ने सुरजा दुराईबुरू और गर्दी सुंडी को पांच-पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाते हुए 10-10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। जुर्माना नहीं देने की स्थिति में उन्हें अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

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