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2222 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाला खॉन जेट बना तुर्की की तकनीकी ताकत

World News: दुनिया की रक्षा तकनीक में जिस फाइटर जेट की सबसे ज्यादा चर्चा है, वह है तुर्की का 5वीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर खॉन है। यह कोई आम जेट नहीं बल्कि हवा में दुश्मनों को खत्म करने वाली मशीन है। 2222 किमी प्रति घंटे

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World News: दुनिया की रक्षा तकनीक में जिस फाइटर जेट की सबसे ज्यादा चर्चा है, वह है तुर्की का 5वीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर खॉन है। यह कोई आम जेट नहीं बल्कि हवा में दुश्मनों को खत्म करने वाली मशीन है। 2222 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ने वाला यह खॉन जे जब आसमान में गूंजता है तो दुश्मनों के एयरस्पेस में खौफ छा जाता है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक तुर्की की एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज ने खॉन जेट को अमेरिका के एफ-35 और रूस के एसयू-57 जैसे आधुनिक लड़ाकू विमानों की टक्कर देने के लिए तैयार किया है। खॉन ने फरवरी 2024 में अपनी पहली उड़ान भरी और सिर्फ 13 मिनट की उड़ान में साबित कर दिया कि वह आने वाले वक्त में आसमान का बादशाह होगा। इसके बाद मई 2024 में दूसरी सफल उड़ान ने इसे और मजबूत बना दिया।

खॉन जेट की सबसे बड़ी ताकत है इसकी माज 1.8 यानी 2222 किमी प्रति घंटे की स्पीड और स्टील्थ तकनीक। यह रडार की पकड़ में आए बिना उड़ सकता है और दुश्मन पर अटैक करने से पहले उसे खबर तक नहीं होती है। इसके ड्यूल इंजन इसे हवा में स्थिर रखकर लंबी दूरी तक ऑपरेशन करने की क्षमता देते हैं।

खॉन जेट को अत्याधुनिक एईएसए रडार, एआई-आधारित टार्गेटिंग सिस्टम और इंटरनल वेपन बे जैसी तकनीकों से लैस किया है। यह हवा से हवा और हवा से जमीन पर वार करने वाली मिसाइलों को एक साथ कैरी कर सकता है। खॉन जेट का डिजाइन इसे इतना खतरनाक बनाता है कि दुश्मन एयर डिफेंस सिस्टम को इसकी भनक तक नहीं लगती। इसकी स्टील्थ क्षमता और सुपरक्रूज मोड इसे बिना आफ्टरबर्नर के सुपरसोनिक उड़ान भरने में सक्षम है यानी खॉन हवा में आते ही दुश्मन के फाइटर जेट्स और राडार को मात दे सकता है। इसी वजह से इसे तुर्की का “एयर डॉमिनेशन प्रोजेक्ट” कहा जा रहा है। खॉन जेट के आने से तुर्की अब किसी भी मुकाबले में अपनी रक्षा पर पूरी तरह आत्मनिर्भर हो चुका है।

खॉन जेट का लक्ष्य है 2028 तक तुर्की एयरफोर्स में शामिल होना। इसके हथियारों की टेस्टिंग 2026 से शुरू होगी। कई देशों ने इस जेट में रुचि दिखाई है, जिनमें इंडोनेशिया, यूएई और पाकिस्तान जैसे देश नाम शामिल हैं। इंडोनेशिया ने तो 48 विमानों के लिए 10 अरब डॉलर का सौदा भी कर लिया है। जब खॉन की आसमान में गूंज सुनाई देगी, तो यह सिर्फ एक फाइटर जेट नहीं बल्कि तुर्की की तकनीकी ताकत और भविष्य का प्रतीक बन गया है। तेज, शक्तिशाली और दुश्मन के लिए खौफ का दूसरा नाम है खॉन।

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