फॉण्ट कनवर्टर NEW

ट्रंप का सख्त फरमान! शादी के बाद भी ग्रीन कार्ड अब आसान नहीं

World News: अमेरिका में परमानेंट रेजीडेंसी यानी ग्रीन कार्ड को नागरिकता की दिशा में बड़ा कदम माना जाता है। यही वजह है कि दुनियाभर के अप्रवासियों के बीच इसकी भारी मांग रहती है। अब तक किसी अमेरिकी नागरिक से शादी को ग्रीन कार्ड पाने का

अपनी भाषा में पढ़ें

World News: अमेरिका में परमानेंट रेजीडेंसी यानी ग्रीन कार्ड को नागरिकता की दिशा में बड़ा कदम माना जाता है। यही वजह है कि दुनियाभर के अप्रवासियों के बीच इसकी भारी मांग रहती है। अब तक किसी अमेरिकी नागरिक से शादी को ग्रीन कार्ड पाने का सबसे सुरक्षित रास्ता माना जाता था, लेकिन हालात तेजी से बदल रहे हैं।

इमिग्रेशन विशेषज्ञों के मुताबिक अब सिर्फ अमेरिकी नागरिक से शादी करना ग्रीन कार्ड की गारंटी नहीं रह गया है। ट्रंप प्रशासन के दौरान इमिग्रेशन नियमों को और सख्त कर दिया गया है, जिसका सीधा असर शादी के आधार पर किए जाने वाले ग्रीन कार्ड आवेदनों पर पड़ रहा है।

अमेरिकी कानून के तहत अमेरिकी नागरिक के पति या पत्नी को “निकट संबंधी” माना जाता है और वे यूएस सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) के जरिए ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं। लेकिन इमिग्रेशन वकीलों का कहना है कि पात्र होना और मंजूरी मिलना—दोनों अलग बातें हैं।

इमिग्रेशन वकील ब्रैड बर्नस्टीन के अनुसार अब शादी पर आधारित ग्रीन कार्ड आवेदनों की बेहद बारीकी से जांच की जा रही है। अधिकारी अब शादी के कागजात से ज्यादा इस बात पर ध्यान दे रहे हैं कि रिश्ता असल और वास्तविक है या नहीं। यानी शादी सिर्फ कागजों में नहीं, बल्कि व्यवहार में भी साबित करनी होगी।

ट्रंप प्रशासन की इमिग्रेशन नीति के तहत फर्जी शादियों पर रोक लगाने को प्राथमिकता दी गई है। इसी कड़ी में डायवर्सिटी वीजा लॉटरी जैसी योजनाओं को भी सस्पेंड किया गया, जिससे हर साल करीब 50 हजार अप्रवासियों को मिलने वाला मौका खत्म हो गया।

बर्नस्टीन के मुताबिक अब साथ रहना ग्रीन कार्ड के लिए सबसे अहम शर्त बन चुका है। उन्होंने साफ कहा कि “सिर्फ रिलेशनशिप में होना काफी नहीं है, पति-पत्नी का एक साथ रहना जरूरी है।” जो कपल शादी के बाद अलग-अलग रहते हैं, उनके आवेदन खारिज होने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है।

इस खबर को भी पढ़ें : अब भारतीय छात्रों को मिलेगी राहत? जानें अमेरिकी नया H-1B वीजा शुल्क नियम!

अगर पति-पत्नी अलग रहते हैं तो इमिग्रेशन अधिकारी काम, पढ़ाई या आर्थिक मजबूरी जैसी दलीलों को भी गंभीरता से नहीं लेते। ऐसे मामलों में लंबा इंटरव्यू, गहन जांच और कई बार सीधे आवेदन खारिज कर दिया जाता है। अधिकारियों को शक होता है कि शादी सिर्फ ग्रीन कार्ड पाने के लिए की गई है।

कुल मिलाकर, ट्रंप प्रशासन की सख्ती के बाद अब ग्रीन कार्ड के लिए सिर्फ शादी नहीं, बल्कि सच्चे दांपत्य जीवन का ठोस सबूत देना अनिवार्य हो गया है।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram