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कोडिंग से डेटा तक, AI स्टार्टअप्स ने पैदा किए 50+ नए अरबपति

Interesting News: अमेरिका सहित पूरी दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI ने न सिर्फ टेक्नोलॉजी का चेहरा बदला, बल्कि दौलत की परिभाषा भी बदल दी। साल 2025 को AI के इतिहास में उस साल के तौर पर याद किया जाएगा, जब इस सेक्टर ने रिकॉर्ड

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Interesting News: अमेरिका सहित पूरी दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI ने न सिर्फ टेक्नोलॉजी का चेहरा बदला, बल्कि दौलत की परिभाषा भी बदल दी। साल 2025 को AI के इतिहास में उस साल के तौर पर याद किया जाएगा, जब इस सेक्टर ने रिकॉर्ड तोड़ निवेश खींचा और देखते ही देखते दर्जनों नए अरबपति पैदा कर दिए।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2025 में दुनियाभर के निवेशकों ने AI स्टार्टअप्स में 200 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश किया। इस भारी-भरकम फंडिंग का सीधा असर यह हुआ कि AI इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा और ऑटोमेशन से जुड़ी कंपनियों में पैसा बरसने लगा। नतीजा यह निकला कि 50 से ज्यादा लोग सिर्फ कागजों पर ही सही, अरबपति बन गए।

डेटा लेबलिंग से 18 अरब डॉलर की दौलत

Forbes की रिपोर्ट के अनुसार, सर्ज AI के सीईओ एडविन चेन इस लिस्ट का सबसे बड़ा नाम बनकर उभरे हैं। उनकी अनुमानित संपत्ति करीब 18 अरब डॉलर बताई जा रही है। उनकी कंपनी डेटा लेबलिंग का काम करती है, जो AI मॉडल को ट्रेन करने के लिए बेहद जरूरी होता है।

महज पांच साल से कम वक्त में सर्ज AI का वैल्यूएशन 24 अरब डॉलर तक पहुंच गया। कंपनी के क्लाइंट्स में गूगल, मेटा, माइक्रोसॉफ्ट और एंथ्रोपिक जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल हैं। एडविन चेन के पास अपनी कंपनी में करीब 75 फीसदी हिस्सेदारी है। 37 साल की उम्र में वे फोर्ब्स 400 लिस्ट में शामिल होने वाले सबसे कम उम्र के नए अरबपति बन गए।

कस्टमर सर्विस बदलने वाले AI एजेंट

सिएरा नाम की AI कंपनी ने भी 2025 में बड़ा धमाका किया। कंपनी के को-फाउंडर ब्रेट टेलर और क्ले बावर ऐसे AI एजेंट बनाते हैं, जो कस्टमर सर्विस का काम संभालते हैं। इनके क्लाइंट्स में ‘द नॉर्थ फेस’ और इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनी रिवियन जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

सितंबर 2025 में सिएरा ने जब नया फंड जुटाया, तो कंपनी का वैल्यूएशन इतना बढ़ गया कि दोनों को-फाउंडर करीब ढाई-ढाई अरब डॉलर की संपत्ति के साथ अरबपति बन गए।

22 साल के फाउंडर्स की 10 अरब डॉलर की कंपनी

AI सेक्टर की सबसे चौंकाने वाली कहानी मेरकोर की है। साल 2023 में शुरू हुई इस कंपनी ने 350 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाकर खुद को 10 अरब डॉलर वैल्यूएशन वाली कंपनी बना लिया। कंपनी के तीन युवा फाउंडर्स—ब्रेंडन फूडी, अदार्श हिरेमथ और सूर्या मिधा—की कुल संपत्ति करीब 2.2 अरब डॉलर आंकी गई है।

यह कंपनी बड़ी AI कंपनियों के लिए डेटा मूल्यांकन और लेबलिंग का काम करने वाले एक्सपर्ट्स और पीएचडी होल्डर्स को हायर करती है। खास बात यह है कि इन फाउंडर्स की उम्र 22 से 25 साल के बीच बताई जा रही है।

बिना कोडिंग ऐप बनाने वाली कंपनी

लवेबल नाम की कंपनी ने भी AI की ताकत दिखा दी। इसके को-फाउंडर एंटोन ओसिका और फैबियन हेडीन ने एक ऐसा वाइब-कोडिंग स्टार्टअप बनाया, जहां बिना किसी सॉफ्टवेयर ज्ञान के सिर्फ प्रॉम्प्ट डालकर वेबसाइट या ऐप बनाया जा सकता है।

दिसंबर 2025 में कंपनी ने 330 मिलियन डॉलर का फंड जुटाया और इसी के साथ इसके दोनों को-फाउंडर अरबपति बन गए।

31 साल की उम्र में दुनिया की सबसे युवा महिला अरबपति

स्केल AI की को-फाउंडर लुसी गुओ के लिए भी 2025 बेहद खास रहा। 31 साल की उम्र में वे दुनिया की सबसे कम उम्र की सेल्फ-मेड महिला अरबपति बनीं। इस सफर में बड़ा टर्निंग पॉइंट तब आया, जब मेटा ने स्केल AI में निवेश किया।

AI बना दौलत का नया इंजन

AI स्टार्टअप्स में तेजी से हो रहे निवेश और टेक्नोलॉजी के बढ़ते इस्तेमाल ने साफ कर दिया है कि आने वाले सालों में अरबपति बनने का सबसे तेज रास्ता AI ही होगा। 2025 ने यह साबित कर दिया कि सही आइडिया, सही टाइमिंग और AI की ताकत किसी की भी किस्मत बदल सकती है।

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