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World News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लेते हुए पेंटागन यानी रक्षा मंत्रालय का नाम बदलने का ऐलान किया है। ट्रंप ने कहा है कि अब यह केवल ‘डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस’ नहीं, बल्कि ‘डिपार्टमेंट ऑफ वॉर’ यानी युद्ध विभाग के नाम से भी जाना जाएगा। इसके लिए वे शुक्रवार को एक्जीक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर करने जा रहे हैं।
ट्रंप का तर्क है कि अमेरिका ने दोनों विश्व युद्धों में ‘वार डिपार्टमेंट’ के नाम से ही अविश्वसनीय जीत दर्ज की थी। इसलिए अब वक्त आ गया है कि सेना का फोकस फिर से युद्धक क्षमता और योद्धा संस्कृति पर लौटे। इस फैसले के बाद मौजूदा रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को भी औपचारिक रूप से ‘सेक्रेटरी ऑफ वॉर’ कहा जाएगा।
हालांकि कानून के मुताबिक किसी भी कार्यकारी विभाग का नाम बदलने का अधिकार अमेरिकी संसद यानी कांग्रेस के पास है। ऐसे में पेंटागन का नाम आधिकारिक तौर पर बदलने के लिए कांग्रेस की मंजूरी जरूरी होगी। ट्रंप को भरोसा है कि कांग्रेस इसमें कोई अड़चन नहीं डालेगी। उनका कहना है कि “अगर जरूरत पड़ी तो कांग्रेस इस फैसले के साथ खड़ी होगी।”
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप के आदेश के ड्राफ्ट में साफ लिखा है कि ‘डिपार्टमेंट ऑफ वॉर’ नाम ‘डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस’ की तुलना में कहीं ज्यादा मजबूत और युद्धक संदेश देता है। ट्रंप का मानना है कि यह बदलाव अमेरिका की ताकत और युद्ध क्षमता को पूरी दुनिया के सामने बेहतर तरीके से दिखाएगा।
गौरतलब है कि पेंटागन का पुराना नाम भी ‘वार डिपार्टमेंट’ ही था। साल 1789 में इसे एक कैबिनेट लेवल एजेंसी के रूप में स्थापित किया गया था और 1947 तक यही नाम चलता रहा। इसके बाद इसे ‘डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस’ कर दिया गया था। ट्रंप अब 78 साल पुराने उस फैसले को पलटने की तैयारी कर रहे हैं।

