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ट्रंप का ‘मिशन पीस’: पुतिन से सीधी बात नहीं, पर पर्दे के पीछे कूटनीति तेज!

Washington (US): दुनिया के सबसे लंबे समय से चल रहे आधुनिक संघर्षों में से एक, रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर व्हाइट हाउस से बड़ी खबर सामने आई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस युद्ध को समाप्त करने को अपनी विदेश नीति का मुख्य एजेंडा बना लिया

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Washington (US): दुनिया के सबसे लंबे समय से चल रहे आधुनिक संघर्षों में से एक, रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर व्हाइट हाउस से बड़ी खबर सामने आई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस युद्ध को समाप्त करने को अपनी विदेश नीति का मुख्य एजेंडा बना लिया है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने सोमवार को प्रेस ब्रीफिंग में स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति शांति बहाली के प्रयासों में “गहराई से शामिल” हैं। हालांकि, उन्होंने उन अटकलों पर विराम लगा दिया जिनमें राष्ट्रपति ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच तत्काल किसी सीधी बातचीत की बात कही जा रही थी।

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लेविट ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप अपने विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और सलाहकार जेरेड कुश्नर के माध्यम से हर गतिविधि पर नजर रखे हुए हैं। हाल ही में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अबू धाबी में हुई त्रिपक्षीय वार्ताओं को “ऐतिहासिक” करार दिया गया है। इन वार्ताओं में पहली बार रूस, यूक्रेन और अमेरिका के प्रतिनिधि एक साथ मेज पर बैठे। सूत्रों का दावा है कि एक संभावित शांति समझौता लगभग 90 प्रतिशत तक तैयार हो चुका है, लेकिन बाकी के 10 प्रतिशत—जिसमें क्षेत्रीय सीमाओं का निर्धारण शामिल है—अभी भी सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है।

युद्ध अब अपने चौथे वर्ष (दिन 1,434) में प्रवेश कर चुका है। कड़ाके की ठंड और ऊर्जा संकट के बीच यूक्रेन के कई शहर अंधेरे में डूबे हैं, जिससे ट्रंप प्रशासन पर जल्द समाधान निकालने का भारी दबाव है। हालांकि पुतिन अभी भी डोनबास क्षेत्र से यूक्रेनी सेना की वापसी की मांग पर अड़े हैं, वहीं राष्ट्रपति जेलेंस्की सुरक्षा गारंटियों को लेकर कोई समझौता नहीं करना चाहते।

व्हाइट हाउस का कहना है कि ट्रंप की रणनीति “ताकत के जरिए शांति” (Peace through Strength) की है। वे न केवल कूटनीति बल्कि आर्थिक दबाव और सैन्य विकल्पों को भी मेज पर रख रहे हैं। भारत और अन्य वैश्विक शक्तियों की नजर अब अगले हफ्ते होने वाली बैठकों पर है, क्योंकि दुनिया को उम्मीद है कि ट्रंप का यह हस्तक्षेप यूरोप में फिर से स्थिरता ला सकता है।

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