World News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा युद्ध को खत्म करने के लिए जो 20-बिंदु वाली शांति योजना पेश की है, उसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। इस प्रस्ताव को कई अरब और इस्लामी देशों का समर्थन मिल चुका है। संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कतर, जॉर्डन, मिस्र, तुर्की, इंडोनेशिया और पाकिस्तान सहित कई देशों ने इसका स्वागत किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह समर्थन मध्य पूर्व की राजनीति में एक बड़ा बदलाव है।

योजना के मुख्य बिंदु

ट्रंप की योजना में तुरंत संघर्ष विराम, 72 घंटे में बंधकों की रिहाई, गाजा में प्रशासनिक ढांचे में बदलाव, आतंक-मुक्त क्षेत्र बनाने की प्रक्रिया, आतंकियों को सशर्त छूट और मानवीय सहायता जैसे बिंदु शामिल हैं। इन प्रावधानों को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इसे ऐतिहासिक प्रयास बताया है।

इजराइल-कतर विवाद में ट्रंप की भूमिका

हाल ही में दोहा में इजराइल ने हमास नेताओं पर हवाई हमला किया था, जिसमें एक कतर सुरक्षा अधिकारी और पांच हमास के सदस्य मारे गए। इस घटना ने वार्ता को बाधित कर दिया था। लेकिन ट्रंप ने सीधे इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू और कतर के प्रधानमंत्री के बीच फोन वार्ता कराई और माफी दिलवाई, जिससे वार्ता का रास्ता फिर खुल सका।

ट्रंप की नोबेल ख्वाहिश

ट्रंप लंबे समय से नोबेल शांति पुरस्कार पाने की इच्छा जताते रहे हैं। अब्राहम समझौते के बाद उनके नामांकन भी हुए थे। गाजा शांति योजना से उनकी उम्मीदें और मजबूत हुई हैं। इजराइल, पाकिस्तान, कंबोडिया, अज़रबैजान, आर्मेनिया, रवांडा और कांगो जैसे देशों ने उन्हें नामंकित किया है। हालांकि खुद ट्रंप ने कहा है कि अगर अब भी उन्हें नोबेल न मिला तो यह अमेरिका के लिए शर्मिंदगी होगी।

क्या बन सकते हैं दावेदार?

विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर ट्रंप की योजना से गाजा में स्थाई शांति स्थापित होती है तो वे नोबेल शांति पुरस्कार के गंभीर दावेदार बन जाएंगे। लेकिन असली चुनौती हमास की भूमिका और गाजा की राजनीतिक जटिलताओं में है। अगर योजना जमीन पर उतरने में सफल हुई तो यह ट्रंप के राजनीतिक करियर का सबसे बड़ा कूटनीतिक विजय होगी।

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