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सीक्रेट मेमो में खुलासा: ट्रंप ने ड्रग तस्करों को बताया आतंकी संगठन

World News: अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ड्रग्स को देश का सबसे बड़ा दुश्मन बताते हुए इसके खिलाफ सशस्त्र कार्रवाई का आदेश दिया है। एक सीक्रेट सरकारी दस्तावेज में खुलासा हुआ है कि ट्रंप ने ड्रग कार्टेल को ‘गैरकानूनी योद्धा’ और ‘आतंकी संगठन’ घोषित

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World News: अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ड्रग्स को देश का सबसे बड़ा दुश्मन बताते हुए इसके खिलाफ सशस्त्र कार्रवाई का आदेश दिया है। एक सीक्रेट सरकारी दस्तावेज में खुलासा हुआ है कि ट्रंप ने ड्रग कार्टेल को ‘गैरकानूनी योद्धा’ और ‘आतंकी संगठन’ घोषित करते हुए इनके खिलाफ युद्ध जैसी कार्रवाई की अनुमति दी है।

पेंटागन को मिली खुली छूट

मेमो के मुताबिक, ट्रंप ने पेंटागन को निर्देश दिया है कि कार्टेल संगठनों को “सशस्त्र संघर्ष के कानून” के तहत कार्रवाई में शामिल किया जाए। सरल शब्दों में कहा जाए तो ट्रंप का मानना है कि ये कार्टेल अमेरिका पर जहर फैलाकर हमला कर रहे हैं और देश को आत्मरक्षा में जवाब देना चाहिए। व्हाइट हाउस की डिप्टी प्रेस सेक्रेटरी अन्ना केली ने इस कदम का बचाव करते हुए कहा कि, “यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक था। ट्रंप ने वादा निभाया और अमेरिकियों के जीवन पर मंडराते खतरे को रोका।”

कैरेबियन सागर में अमेरिकी हमले

हाल ही में अमेरिकी सेना ने कैरेबियन सागर क्षेत्र में तीन बार ड्रग ले जा रही नावों पर हमले किए। इनमें से दो नावें वेनेजुएला से थीं। 2 सितंबर को हुए एक हमले में 11 लोग मारे गए, जबकि 15 सितंबर को एक और नाव समेत तीन लोगों को मार गिराया गया। अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि ये नावें “ट्रेन डे अरागुआ गैंग” से जुड़ी थीं, जिसे अमेरिका ने आतंकी संगठन घोषित किया है।

संसद में उठा विवाद

इस कदम के बाद अमेरिकी कांग्रेस में राजनीतिक तूफान आ गया है। कई सांसदों ने सवाल उठाया है कि ट्रंप ने बिना कांग्रेस की मंजूरी के ऐसी जंग शुरू कर दी, जो संवैधानिक रूप से गलत है। बुधवार को पेंटागन ने सीनेटर्स को हमले की जानकारी दी, लेकिन यह नहीं बताया कि किन कार्टेल को निशाना बनाया गया। इससे सांसद और भड़क गए।

अंतरराष्ट्रीय असर

ट्रंप का यह कदम लैटिन अमेरिका में पहले से चल रहे तनाव को और बढ़ा सकता है। मैक्सिको व वेनेजुएला ने पहले ही अमेरिकी दखल को लेकर नाराजगी जताई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह “ड्रग युद्ध” भविष्य में अमेरिका और लैटिन देशों के बीच नए राजनीतिक टकराव की वजह बन सकता है।

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