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रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आज पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय राजीव गांधी की पुण्यतिथि को ‘शहादत दिवस’ और ‘ऊर्जा दिवस’ के रूप में बेहद सम्मान के साथ मनाया गया। इस दौरान पार्टी के तमाम दिग्गज नेताओं ने उनके तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने राजीव गांधी को एक महान स्वप्नद्रष्टा बताया। उन्होंने याद किया कि कैसे राजीव गांधी ने भारत को 21वीं सदी में ले जाने की मजबूत नींव रखी थी। आज देश में जो डिजिटल और कंप्यूटर क्रांति दिख रही है, वह उन्हीं की दूरगामी सोच की देन है।
झारखंड आंदोलन और राजीव गांधी का विजन
इस मौके पर नेताओं ने राजीव गांधी के झारखंड प्रेम को विशेष रूप से रेखांकित किया। वक्ताओं ने कहा कि राजीव गांधी मानते थे कि जब तक झारखंड एक अलग राज्य नहीं बन जाता, तब तक यहां के आदिवासियों और स्थानीय समुदायों का वास्तविक विकास मुमकिन नहीं है। उन्होंने गुमला, सिमडेगा और खूंटी जैसी ऐतिहासिक जनसभाओं में इस बात को पूरी प्रखरता से उठाया था। प्रधानमंत्री रहते हुए भी उनकी योजनाओं में झारखंड के हितों को हमेशा प्राथमिकता मिलती थी। अखंड भारत, शांति और राष्ट्रीय एकता के लिए दिए गए उनके सर्वोच्च बलिदान को देश हमेशा याद रखेगा। श्रद्धांजलि देने वालों में दयामणि बारला, राकेश सिन्हा, रविंद्र सिंह, लाल किशोर नाथ शाहदेव और आदित्य विक्रम जायसवाल सहित कई वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता शामिल थे।

