गुमला: उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के निर्देश के आलोक में अभिहित अधिकारी -सह- अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी के मार्गदर्शन में, खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी प्रकाश चंद्र गुग्गी के नेतृत्व में बुधवार को शहर में स्ट्रीट फूड वेंडर्स के लिए फूड सेफ्टी ट्रेनिंग एवं सर्टिफिकेशन (FoSTaC) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य शहर में बेचे जा रहे स्ट्रीट फूड की गुणवत्ता, स्वच्छता और सुरक्षा मानकों को मजबूत बनाना था।
कार्यक्रम का संचालन ट्रेनिंग पार्टनर शिक्षा एवं कल्याण समिति के प्रशिक्षक श्री शिव प्रजापति द्वारा किया गया। उन्होंने 100 से अधिक संख्या में स्ट्रीट फूड वेंडर्स को फूड सेफ्टी से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ दीं। प्रशिक्षण के दौरान ढक्कन युक्त डस्टबिन, एप्रन, मास्क, ग्लव्स आदि के अनिवार्य उपयोग पर विशेष जोर दिया गया तथा इन सभी का डेमो के माध्यम से व्यवहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।
प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को व्यक्तिगत स्वच्छता, दुकान एवं उपकरणों की सफाई, खाद्य सामग्री के सुरक्षित भंडारण, पेयजल की शुद्धता, कीटाणु नियंत्रण और नियमित परीक्षण जैसे विषयों की जानकारी दी। साथ ही, उन्हें खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम 2006 एवं नियमावली 2011 की भी विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई।
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने कहा कि यह प्रशिक्षण वेंडर्स की आजीविका के साथ-साथ ग्राहकों के स्वास्थ्य और विश्वास के लिए भी लाभकारी है। सभी वेंडर्स को आवश्यक नियमों का पालन करना चाहिए। इस कार्यक्रम का उद्देश्य दुकानदारों में सुरक्षित और स्वच्छ खाद्य परोसने की आदत विकसित करना और खाद्य जनित बीमारियों की रोकथाम सुनिश्चित करना है।
कार्यक्रम के दौरान तंबाकू निषेध पदाधिकारी वंदना स्मिता होरो ने तंबाकू एवं तंबाकू उत्पादों से होने वाले दुष्प्रभाव, बीमारियों और उनके बचाव संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी। लोगों को तंबाकू के सेवन से बचने और सार्वजनिक स्थानों पर तंबाकू निषेध अंतर्गत कोटपा कानून के नियमों के पालन के लिए भी प्रेरित किया गया।
इसी क्रम में नगर निगम, गुमला के पदाधिकारियों द्वारा प्रतिभागियों को प्लास्टिक मुक्त गुमला के लिए शपथ भी दिलाई गई। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को जागरूकता सामग्री भी वितरित की गई और प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।



