रांची: झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा, अखिल भारतीय किसान सभा झारखंड, झारखंड राज्य विस्थापित संघर्ष मोर्चा और झारखंड आंदोलनकारी युवा मोर्चा ने 29 सितंबर को मशाल जुलूस और 30 सितंबर को झारखंड बंद का आह्वान किया है। संगठनों ने राज्यभर में कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया।
संगठनों के अनुसार, अलग-अलग प्रमंडलों में पारंपरिक वेशभूषा और पारंपरिक हथियारों के साथ लोग कार्यक्रम में शामिल होंगे। दुमका प्रमंडल में डुगडुगी बजाकर और पारंपरिक परिधान के साथ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। दक्षिणी छोटानागपुर में भी पारंपरिक वेशभूषा और हथियारों के साथ महिलाएं शामिल होंगी।
पलामू प्रमंडल में लोग क्रांतिकारी गीतों के साथ लाल-हरा झंडा और पारंपरिक हथियार लेकर कार्यक्रम में शामिल होंगे। वहीं, कोल्हान और उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल में बड़ी संख्या में महिलाओं के शामिल होने की बात कही गई है।
आंदोलनकारियों, किसानों और विस्थापितों के अधिकार की मांग
झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के संस्थापक प्रधान सचिव और किसान सभा के महासचिव पुष्कर महतो ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य झारखंड आंदोलनकारियों, किसानों, मजदूरों और विस्थापितों के अधिकारों और सम्मान की मांग को उठाना है।
उन्होंने कहा कि लोग अपने बच्चों के अधिकार और स्वाभिमान की रक्षा के लिए सड़क पर उतरेंगे। संगठनों ने सरकार से आंदोलनकारियों, किसानों, मजदूरों और विस्थापितों के साथ न्याय करने की मांग की है।
कई संगठन होंगे शामिल
पुष्कर महतो के अनुसार, कार्यक्रम को सफल बनाने में झारखंड नव निर्माण दल, भारतमाला विस्थापित संघर्ष मोर्चा, संयुक्त किसान मोर्चा झारखंड, झारखंड आंदोलनकारी संयुक्त मोर्चा (कोल्हान), आदिवासी अधिकार मोर्चा, हूल झारखंड क्रांति दल, तपकारा संघर्ष मोर्चा और आदिवासी सेंगल अभियान समेत कई संगठन शामिल होंगे।
इस मौके पर प्रभारी अनथन लकड़ा, सुरेंद्र प्रसाद, दिनेश महतो और रोहित महतो समेत अन्य लोग मौजूद रहे।




