Kolkata: पश्चिम बंगाल की राजनीति में शनिवार को उस समय भारी उबाल आ गया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर कोलकाता पुलिस (Kolkata Police) ने देर रात एक बड़ा तलाशी अभियान चलाया। पुलिस टीम शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात करीब 3 बजे भारी संख्या में केंद्रीय बलों (Central Forces) के जवानों के साथ उनके घर पहुंची और लगभग चार घंटे तक सघन तलाशी ली।

घटनास्थल पर मौजूद लोगों के अनुसार, पुलिस के आला अधिकारी घर के भीतर गहन जांच में जुटे रहे, जबकि केंद्रीय बलों के जवान पूरे समय बाहर सुरक्षा घेरा संभाले खड़े रहे। इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई में कोलकाता पुलिस के अलावा पश्चिम मेदिनीपुर जिले की पुलिस भी शामिल थी। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने आधिकारिक रूप से (Officially) अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि यह छापेमारी किस विशिष्ट मामले में की गई है।

निजी सहायक (PA) सुमित रॉय की तलाश में पहुंची थी टीम

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई पश्चिम मेदिनीपुर जिले के सालबोनी थाने में दर्ज एक पुराने आपराधिक मामले से जुड़ी हो सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि पुलिस टीम असल में अभिषेक बनर्जी के बेहद करीबी सहयोगी और उनके निजी सहायक (Private Assistant) सुमित रॉय की तलाश में उनके आवास पर पहुंची थी। जैसे ही देर रात इस औचक छापेमारी (Surprise Raid) की सूचना मिली, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी तुरंत कालीघाट स्थित आवास पर पहुंच गईं।

गेट का ताला तोड़कर अंदर घुसी पुलिस: अभिषेक बनर्जी

शनिवार सुबह अपने आवास से बाहर निकलकर सांसद अभिषेक बनर्जी ने पुलिस की इस कार्रवाई पर बेहद तीखे और गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारियों ने घर का ताला तोड़कर (Lock Breaking) जबरन प्रवेश किया और परिवार के प्रत्येक कमरे की तलाशी ली। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कड़े लहजे में कहा, “इस तलाशी के असली उद्देश्य के बारे में जांच एजेंसियों (Investigation Agencies) से पूछिए। क्या मैंने किसी अपराधी को अपने घर में छिपा रखा है? मेरे पूरे घर का कोना-कोना खंगाला जा चुका है, क्या उन्हें वहां कुछ भी मिला?”

CID और ED की पेशी से ठीक पहले बड़ी कार्रवाई

यहां गौर करने वाली बात यह है कि यह छापेमारी ऐसे संवेदनशील समय पर हुई है जब फर्जी हस्ताक्षर प्रकरण (Forgery Case) में अभिषेक बनर्जी के खिलाफ राज्य की सीआईडी (CID) जांच जारी है। इस मामले में 14 जून को उन्हें सीआईडी के समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश होना है।

इसके ठीक अगले दिन, यानी 15 जून को उन्हें सॉल्ट लेक स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ED) के कार्यालय में करोड़ों रुपये के ‘स्कूल-नौकरी-के-बदले-कैश’ घोटाले (School Job for Cash Scam) में पूछताछ के लिए हाजिर होना है, जिसके लिए ईडी ने 3 जून को ही नोटिस जारी किया था। वहीं, 16 जून को उन्हें चुनाव के दौरान हिंसा भड़काने और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को कथित तौर पर धमकाने के आरोपों के सिलसिले में एक बार फिर सीआईडी मुख्यालय (CID Headquarters) जाना है। इस लगातार होने वाली कानूनी पेशी से ठीक पहले हुई इस रेड ने बंगाल की राजनीतिक हवा को पूरी तरह गरमा दिया है।

Share.
Exit mobile version