रांची। शहादत-ए-इमाम-ए-हुसैन और शहीदान-ए-कर्बला की याद में हर साल की तरह इस बार भी शिया समुदाय की ओर से मुहर्रम का पारंपरिक ‘मातमी’ जुलूस निकाला जाएगा। मुहर्रम की 9वीं तारीख को शबे आशूर के मौके पर यह जुलूस गुरुवार, 25 जून 2026 को रात 9:30 बजे शुरू होगा। यह जानकारी शिया समुदाय के प्रतिनिधि सैयद फ़राज़ अब्बास ने साझा की है।
सैयद फ़राज़ अब्बास के मुताबिक, मातमी जुलूस की शुरुआत मेन रोड स्थित विश्वकर्मा मंदिर लेन में सैयद यावर हुसैन के ‘अनवर आर्केड’ आवास से होगी। यह जुलूस अपने पुराने और पारंपरिक रास्ते (पुल से निर्धारित मार्ग) पर आगे बढ़ते हुए मेन रोड, अंजुमन प्लाज़ा चौक और डॉ. फतहउल्लाह रोड से गुजरेगा। इसके बाद विक्रांत चौक होते हुए देर रात अंसार नगर स्थित मस्जिद-ए-जाफ़रिया पहुँचकर संपन्न होगा।
जुलूस के रवाना होने से पहले अनवर आर्केड में ‘मजलिस-ए-शब-ए-आशूर’ का विशेष धार्मिक आयोजन किया जाएगा। यह मजलिस रात ठीक 8:00 बजे शुरू होगी, जिसमें मौलाना कर्बला के शहीदों की शहादत और हजरत इमाम हुसैन के संदेशों पर प्रकाश डालेंगे। मजलिस की समाप्ति के बाद शिया समाज के अकीदतमंद नौहाख्वानी (शोक गीत) और सीनाज़नी (मातम) करते हुए जुलूस की शक्ल में आगे बढ़ेंगे। प्रशासन और स्थानीय कमेटियों द्वारा जुलूस के शांतिपूर्ण संचालन के लिए रूट पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।




