रांची: राजधानी के रातू थाना क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। रातू के चटकपुर शांति नगर पोखर टोला में शनिवार सुबह एक किराए के मकान से मां और उसके ढाई साल के मासूम बेटे का शव बरामद हुआ है। वहीं, कमरे में मौजूद चार साल की बेटी और 15 साल की ननद अचेत और बेहद गंभीर हालत में मिली हैं। इस दर्दनाक हादसे के बाद से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।
सुबह एस्बेस्टस हटाकर अंदर घुसे पड़ोसी
घटना का खुलासा शनिवार सुबह करीब पांच बजे हुआ। स्थानीय लोगों के मुताबिक, काफी देर तक जब घर का दरवाजा नहीं खुला तो पड़ोसियों को किसी अनहोनी का संदेह हुआ। लोगों ने जब आवाज दी और अंदर से कोई हलचल नहीं हुई, तो पड़ोसियों ने सूझबूझ दिखाते हुए घर की छत पर लगी एस्बेस्टस की चादर को हटाया और कमरे के भीतर दाखिल हुए। अंदर का नजारा देखकर हर कोई सन्न रह गया। बिस्तर पर मां-बेटे मृत पड़े थे, जबकि दो अन्य लड़कियां फर्श पर बेहोश पड़ी तड़प रही थीं।
कोयले का चूल्हा बना मौत की वजह
पुलिस की प्रारंभिक जांच और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस हादसे की वजह कमरे में जलता हुआ कोयले का चूल्हा बना। मृतका पिंकी देवी ने शुक्रवार रात को कोयले के चूल्हे पर खाना बनाया था। भोजन करने के बाद वह चूल्हे को कमरे से बाहर निकालना भूल गईं और दरवाजा व खिड़कियां बंद करके सो गईं। कमरे में वेंटिलेशन (हवा आने-जाने का रास्ता) न होने की वजह से पूरी रात चूल्हे से जहरीला धुआं और गैस (कार्बन मोनोऑक्साइड) निकलती रही, जिससे कमरे में सो रहे चारों लोगों का दम घुट गया।
अस्पताल में भर्ती घायलों की स्थिति नाजुक
घटना की सूचना मिलते ही रातू थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, गंभीर रूप से घायल पिंकी की 4 वर्षीय बेटी प्राची कुमारी और 15 वर्षीय ननद चंदा कुमारी को तुरंत नजदीकी सेवा सदन अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों की नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) रेफर कर दिया, जहां फिलहाल उनका उपचार जारी है।
पीड़ित परिवार का बैकग्राउंड
मृतकों की पहचान 32 वर्षीय पिंकी देवी और उनके ढाई वर्षीय पुत्र श्रवण कुमार के रूप में हुई है। पिंकी देवी के पति चंदन साहू का कुछ वर्ष पहले ही निधन हो चुका था, जिसके बाद से वह रांची की एक कपड़ा दुकान में काम करके अपने बच्चों का पालन-पोषण कर रही थीं। यह परिवार मूल रूप से बिहार के सारण (छपरा) जिले के महमदा गांव का रहने वाला था और पिछले ढाई साल से धन्नू यादव के मकान में किराए पर रह रहा था। रातू थाना प्रभारी आदिकांत महतो ने बताया कि पुलिस मामले की हर पहलू से वैज्ञानिक जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।




