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आज उपायुक्त ने विशुनपुर प्रखंड के बलातूपाठ गांव तक 7 किलोमीटर पैदल चलकर ग्रामीणों से की मुलाकात, हालात का लिया प्रत्यक्ष जायजा।
प्रशासनिक शिविर में ऑन-द-स्पॉट दिए गए योजनाओं के लाभ, बैंक खाते चालू करने,बिजली,पानी, आंगनवाड़ी केंद्र निर्माण, सड़क निर्माण सहित कई समस्याओं के निवारण हेतु उपायुक्त ने लिए महत्वपूर्ण निर्णय, समस्याओं का जल्द ही निवारण करने के प्रति नागरिकों को दिए आश्वासन
पौधरोपण, स्वास्थ्य जांच और योजनाओं के वितरण के साथ गांव के सर्वांगीण विकास को लेकर हुई चर्चा
जिले में “प्रोजेक्ट द्वार” अभियान का शुभारंभ – जन-जन तक पहुंच रहे अधिकारी
जिले में सुदूर पाट एवं दुर्गम इलाकों तक शासन-प्रशासन की सीधी पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से “प्रोजेक्ट द्वार” अभियान की शुरुआत की गई है। उपायुक्त गुमला, प्रेरणा दीक्षित के द्वारा आरंभ की गई इस अभिनव पहल का मकसद ग्रामीण अंचलों की वास्तविक परिस्थितियों को समझना, जनसुविधाओं का मूल्यांकन करना और सरकार के कल्याणकारी कार्यक्रमों को हर नागरिक तक पहुंचाना है।इस अभियान के तहत उपायुक्त स्वयं पैदल भ्रमण कर नागरिकों से संवाद स्थापित कर रही हैं। अभियान की शुरूआत के बाद उन्होंने पहले मंगरूतला टोले का भ्रमण कर दो किलोमीटर पाट क्षेत्र पैदल तय किया था। वहीं आज उन्होंने विशुनपुर प्रखंड के *बलातूपाठ गांव* का दौरा किया जो हेलता पंचायत से लगभग 07 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। उन्होंने पैदल 7 किलो मीटर की दूरी तय कर ग्रामीणों से मुलाकात की।
दुर्गम पथ पर प्रशासन का सशक्त संवाद
बलातूपाठ गांव पहुंचकर उपायुक्त ने ग्रामीणों से घर-घर जाकर बातचीत की। लगभग 400 लोगों की आबादी वाले इस गांव में 150 से अधिक असुर समुदाय (PVTG) के नागरिक एवं 250 उरांव जनजाति के नागरिक रहते हैं। उपायुक्त ने नागरिकों से मुलाकात कर गाँव की समस्याओं को प्रत्यक्ष रूप से जाना। उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि गांव तक जाने के लिए सड़क निर्माण का प्रस्ताव स्वीकृत हो चुका है और बिजली से संबंधित समस्या का समाधान शीघ्र किया जाएगा। प्राथमिक विद्यालय की भवन की स्थिति की समीक्षा करने के बाद उपायुक्त ने विद्यालय में मरम्मती कार्य अविलंब सुनिश्चित करने के निर्देश दिए साथ ही विद्यालय के शिक्षक को भी प्रशिक्षण शिला विभाग द्वारा देने का निर्देश दिया गया, ताकि शिक्षक द्वारा बच्चों को बेहतर तरीके से प्रशिक्षित किया जा सके।आंगनवाड़ी केंद्र के नए भवन निर्माण के सम्बन्ध में भी उन्होंने ग्रामीणों को जानकारी दी कि आंगनवाड़ी केंद्र निर्माण हेतु प्रस्ताव स्वीकृत है जल्द ही निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।
उपायुक्त ने उक्त पंचायत में दूसरे एएनएम का ट्रांसफर करते हुए नए ANM द्वारा ग्रामीणों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया, उन्हें नियमित रूप से गांव में आकर स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ग्रामीणों द्वारा बैंक खातों के बंद होने की शिकायत करने पर उपायुक्त ने शुक्रवार तक सभी खातों को पुनः सक्रिय कराने का निर्देश प्रखंड विकास पदाधिकारी को दिया।
शिविर में मिला योजनाओं का सीधा लाभ
उपायुक्त के निर्देश पर ब्लॉक स्तर पर लगे प्रशासनिक शिविर में नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ ऑन-द-स्पॉट दिया गया। हेल्थ चेकअप कैंप में ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और वहीं पर आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड सहित कई दस्तावेजों का नवीनीकरण और निर्माण हुआ।सावित्रीबाई फुले किशोरी योजना के तहत 8 छात्राओं, मातृ वंदना योजना के तहत 1 लाभार्थी और 2 दिव्यांग व्यक्तियों को लाभ प्रदान किया गया। पेंशन योजनाओं के तहत 8 नागरिकों को लाभ, 25 कंबलों का वितरण, 27 जन्म प्रमाण पत्र और 1 मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए गए। साथ ही, अंचल कार्यालय से जुड़े 32 मामलों का तत्काल निस्तारण किया गया।शिविर में धोती-साड़ी योजना से 5 लाभुकों, उज्ज्वला योजना से 4 नागरिकों और श्रम विभाग की ओर से 20 व्यक्तियों को श्रम कार्ड दिए गए। कृषि विभाग ने 40 किसानों को योजनाओं का लाभ दिया, जबकि JSLPS के अंतर्गत 12 लाख रुपये की राशि का चेक सीसीएफ समूह को प्रदान किया गया। उपायुक्त के निर्देश पर उद्यान विभाग ने 20 मूंगा साग (सहजन) पौधों का वितरण किया और उपायुक्त ने स्वयं पौधरोपण कर महिलाओं को इसके सेवन से स्वास्थ्य लाभ की जानकारी दी एवं उन्हें सहजन का साग प्रत्येक दिन अपने खाने में उपयोग करने हेतु प्रेरित किया।
इस अवसर पर सिविल सर्जन गुमला, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी, PHED कार्यपालक अभियंता, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी विशुनपुर, अंचल अधिकारी विशुनपुर सहित कई विभागों के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
उपायुक्त का संकल्प है कि “प्रोजेक्ट द्वार” अभियान के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि विकास केवल कागज़ों पर नहीं, बल्कि हर ग्राम और हर नागरिक तक प्रत्यक्ष रूप से पहुंचे। आगे ही इसी प्रकार के पाट एवं सुदूरवर्ती क्षेत्रों का भ्रमण नियमित रूप से किया जाएगा


