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World News: थाईलैंड की राजनीति इन दिनों एक ऑडियो कॉल लीक से बुरी तरह उथल-पुथल में है। प्रधानमंत्री पेतोंगटार्न शिनावात्रा और कंबोडिया के पूर्व प्रधानमंत्री हुन सेन के बीच हुई एक गोपनीय फोन कॉल सार्वजनिक हो जाने के बाद, पूरे देश में बड़े स्तर पर विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। इस कॉल में थाई PM ने सेन को “अंकल” कहकर संबोधित किया और थाईलैंड के सैन्य कमांडर के बारे में हल्के-फुल्के और व्यंग्यात्मक शब्दों का इस्तेमाल किया, जिससे जनता नाराज़ हो गई।
क्या है विवाद की जड़?
इस लीक कॉल में शिनावात्रा ने थाई सैन्य कमांडर पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्होंने “सिर्फ कूल दिखने” के लिए बयान दिए, जिनका कोई मतलब नहीं था। यह बात सामने आते ही लोगों ने इसे सेना का अपमान माना और सड़कों पर उतर आए। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर भी तीखा विरोध दर्ज किया और इसे “देशद्रोही बयान” करार दिया।
इतना ही नहीं, थाईलैंड की सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार की एक सहयोगी पार्टी ने इस विवाद के बाद अपना समर्थन वापस ले लिया है, जिससे शिनावात्रा की सरकार पर संकट गहराता जा रहा है।
जनता का गुस्सा – इस्तीफे की मांग
हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी बैंकॉक के विक्टरी मॉन्यूमेंट वॉर मेमोरियल पर जमा हुए। भारी बारिश के बावजूद लोगों ने प्रदर्शन नहीं रोका। हाथों में “PM देश की दुश्मन हैं” जैसे नारे लिखे पोस्टर, झंडे और साउंड सिस्टम से लैस भीड़ शिनावात्रा के इस्तीफे की मांग कर रही है।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पार्नथेप पूरपोंगपान ने भी PM के इस्तीफे की मांग की और कहा कि समस्या की जड़ खुद प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने संसद और कार्यपालिका पर लोकतंत्र के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया।
प्रधानमंत्री की सफाई और संवैधानिक संकट
प्रधानमंत्री शिनावात्रा ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने कभी किसी का अपमान नहीं किया और यह सिर्फ एक व्यक्तिगत बातचीत थी। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार को भी स्वीकार किया। लेकिन यह बयान जनता के गुस्से को शांत करने में असफल रहा।
अब इस पूरे विवाद पर थाईलैंड की संवैधानिक अदालत फैसला लेगी कि क्या प्रधानमंत्री को हटाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई होगी या नहीं। यह याचिका थाई सीनेट के कई सदस्यों ने मिलकर दायर की है।
कैसे लीक हुई कॉल?
कंबोडिया के पूर्व प्रधानमंत्री हुन सेन ने खुद स्वीकार किया कि उन्होंने यह कॉल लगभग 80 राजनेताओं के साथ साझा की थी, और उन्हीं में से किसी ने इसे लीक कर दिया। इसके बाद उन्होंने विवाद को खत्म करने की मंशा से इस 17 मिनट की कॉल रिकॉर्डिंग को अपने फेसबुक पेज पर सार्वजनिक कर दिया। इस बातचीत में दोनों नेताओं के बीच हालिया सीमा विवाद, सैन्य मुद्दों और राजनीतिक रणनीति को लेकर चर्चा हुई थी।

