217 करोड़ का अतिरिक्त आवंटन, कुल बजट पहुंचा 724 करोड़ रुपये
सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान इस महत्वाकांक्षी योजना के विस्तार के लिए 217.63 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि मंजूर की है। इस नए फंड के जुड़ने के साथ ही इस ब्रेकफास्ट योजना का कुल वार्षिक बजट बढ़कर 724 करोड़ रुपये हो गया है। प्राथमिक से लेकर उच्च प्राथमिक स्तर तक के बच्चों के पोषण स्तर को सुधारने और स्कूलों में उपस्थिति दर बढ़ाने के उद्देश्य से यह वित्तीय मंजूरी दी गई है।
पूर्व सीएम कामराज के सम्मान में बदला गया योजना का नाम
योजना के विस्तार के साथ ही इसके नाम में भी महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। अब तक इसे ‘चीफ मिनिस्टर ब्रेकफास्ट स्कीम’ के नाम से जाना जाता था, जिसे अब बदलकर ‘पेरुंथलैवर कामराजर फ्री ब्रेकफास्ट स्कीम’ कर दिया गया है। यह नामकरण तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री के. कामराज के योगदान के सम्मान में किया गया है, जिन्होंने राज्य में शिक्षा के प्रसार और ऐतिहासिक मिड-डे मील योजना को मजबूती देने में ऐतिहासिक शुरुआत की थी।
उपचुनाव के चलते चेंगलपट्टू और तिरुप्पुर में अभी लागू नहीं
यह विस्तारित योजना मंगलवार से राज्य के अधिकांश जिलों में प्रभावी हो गई है। हालांकि, चेंगलपट्टू और तिरुप्पुर जिलों के विद्यार्थियों को इसके लिए अभी थोड़ा इंतजार करना होगा। इन दोनों जिलों में आगामी विधानसभा उपचुनावों के मद्देनजर आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) लागू है। चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के चलते इन जिलों में योजना का क्रियान्वयन फिलहाल टाल दिया गया है और चुनावी प्रक्रिया संपन्न होने के बाद इसे वहां भी शुरू किया जाएगा।




