New Delhi: सोशल मीडिया पर इन दिनों सिविक सेंस यानी नागरिक शिष्टाचार और बुनियादी तहजीब को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई है। इस बार विवाद की सबसे बड़ी वजह स्विट्जरलैंड के एक नामी होटल द्वारा खास तौर पर केवल भारतीय पर्यटकों के लिए बनाए गए बेहद कड़े और अपमानजनक लगने वाले नियम हैं। भारत के जाने-माने उद्योगपति हर्ष गोयनका ने सोशल मीडिया पर इन सख्त नियमों की एक सूची साझा करते हुए विदेशों में भारतीय यात्रियों के अजीबोगरीब व्यवहार पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने दुख जताते हुए बताया कि स्विट्जरलैंड के एक होटल में सिर्फ भारतीयों को टारगेट कर तैयार की गई इस लिस्ट को देखकर वे खुद पूरी तरह हैरान रह गए थे।
आरपीजी (RPG) एंटरप्राइज के चेयरमैन हर्ष गोयनका ने दुनिया भर में भारतीयों के आचरण का उदाहरण देते हुए कहा कि आज सोशल मीडिया पर रेस्तरां में अचानक गरबा करने, विदेशी हवाई अड्डों पर बहुत तेज आवाज में चिल्लाकर बात करने और फ्लाइट के केबिन को पिकनिक स्पॉट में बदलने के कई वीडियो सामने आ रहे हैं, जो देश की छवि बिगाड़ते हैं। उन्होंने एक पुरानी घटना का जिक्र करते हुए बताया कि दावोस में एक रसूखदार भारतीय कारोबारी ने क्लब में इतनी तेज आवाज में पंजाबी गाने बजाए थे कि पूरा शहर परेशान हो उठा था। इसके विपरीत उन्होंने जापानियों का उदाहरण देते हुए कहा कि जापान ने अपने अनुशासन, असीम विनम्रता और शानदार नागरिक शिष्टाचार के दम पर पूरी दुनिया में सर्वोच्च सम्मान हासिल किया है। गोयनका ने कहा कि यदि भारत वास्तव में एक वैश्विक महाशक्ति बनना चाहता है, तो भारतीयों को अपनी उत्कृष्टता, दूसरों के प्रति सम्मान और जिम्मेदार व्यवहार को बढ़ाना होगा और अपने सिविक सेंस को तुरंत अपग्रेड करना होगा।
यह पूरा विवादित मामला स्विट्जरलैंड के खूबसूरत इलाके ग्स्टाड (Gstaad) में स्थित ‘आर्क-एन-सीएएल’ (Arc-en-Ciel) होटल का है, जहां मैनेजमेंट ने भारतीयों के लिए टेबल मैनर्स से लेकर आपस में बातचीत करने तक के विशेष नियम लिखकर लगा दिए हैं।
भोजन से जुड़े कड़े नियमों के तहत होटल प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सुबह के बुफे (Buffet) का खाना केवल वहीं रेस्तरां में बैठकर खाने के लिए है, उसे चोरी-छिपे अपने साथ कमरों में या बाहर लेकर न जाएं। यदि किसी भारतीय यात्री को सफर के लिए लंच पैक चाहिए, तो उसे इसके लिए अलग से ऑर्डर देकर बाकायदा पूरा भुगतान करना होगा। इसके अलावा, बुफे काउंटर पर अन्य देशों से आए मेहमानों की सुविधा का ध्यान रखने और केवल होटल द्वारा उपलब्ध कराई गई कटलरी (चम्मच-कांटे) का ही उपयोग करने की सख्त हिदायत दी गई है।
होटल ने परिसर के भीतर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी विशेष गाइडलाइंस जारी की हैं। इन निर्देशों में लिखा गया है कि होटल में दुनिया भर से आए अन्य सम्मानित मेहमान भी ठहरे हुए हैं जो शांति और सुकून की तलाश में यहाँ आते हैं, इसलिए होटल के कॉरिडोर (गलियारे) में पूरी तरह शांत रहें और बालकनी में खड़े होकर ऊंची आवाज में बात न करें। इसके साथ ही रात के समय केवल बेहद जरूरी आपातकालीन कॉल ही अटेंड करने और रूम सर्विस के तय समय का कड़ाई से पालन करने की बात कही गई है। इस घटना के बाद से ही इंटरनेट पर भारतीय टूरिस्ट्स की आदतों को लेकर आत्ममंथन शुरू हो गया है।



