रांची। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश पर जिला परिवहन विभाग ने शुक्रवार को कांटाटोली स्थित खादगढ़ा बस स्टैंड में स्लीपर बसों के खिलाफ विशेष जांच अभियान चलाया। इस अभियान के तहत लंबी दूरी की बसों की सुरक्षा व्यवस्था और वैधानिक मानकों की गहन पड़ताल की गई।

जांच का नेतृत्व उप परिवहन आयुक्त सह सचिव, क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल हरविंश पंडित ने किया। उनके साथ मोटरयान निरीक्षक विमल किशोर सिंह और जिला परिवहन पदाधिकारी अखिलेश कुमार भी मौजूद रहे। अभियान के दौरान कुल 21 स्लीपर बसों की जांच की गई, जिनमें कई बसें निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतरीं। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित वाहन मालिकों को नोटिस जारी किया गया।

मौके पर चालकों और सहायकों को यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन करने की हिदायत दी गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बसों में फायर डिटेक्शन एंड सप्रेशन सिस्टम, आपातकालीन निकास, फिटनेस प्रमाणपत्र और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरणों का होना अनिवार्य है।

जांच के बाद परिवहन विभाग ने वाहन मालिकों के साथ बैठक कर केंद्रीय सड़क परिवहन संस्थान (CIRT) के दिशा-निर्देशों और केंद्रीय मोटर वाहन नियमावली (CMVR) 1989 के प्रावधानों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा। वाहन स्वामियों ने जरूरी सुधार शीघ्र करने का आश्वासन दिया।

परिवहन विभाग ने साफ किया कि इस तरह के विशेष जांच अभियान आगे भी जारी रहेंगे। यात्रियों की जान से खिलवाड़ करने वालों पर किसी भी स्थिति में सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य केवल कार्रवाई नहीं, बल्कि सुरक्षित और भरोसेमंद यात्री परिवहन व्यवस्था को मजबूत करना है।

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