Koderama News: कोडरमा फ्रांसिस्कन क्लैरिस्ट सिस्टर सोसाइटी, जन विकास समिति वाराणसी के संयुक्त से आईडीसीवाईडी प्रोजेक्ट के तहत मरकच्चो प्रखंड सभागार में ट्रेनिंग ऑन अर्ली आइडेंटीफिकेशन एंड प्रिवेंशन ऑफ डिसेबिलिटी फॉर सीएचओ, आशा व एएनएम कार्यक्रम का आयोजन शुक्रवार को किया गया। इस कार्यक्रम की शुरुआत बीपीएम अमरकांत, बीटीटी गंगाधर दास, संस्था संयोजिका सिस्टर लीला के द्वारा पुष्प गुच्छ देकर हुई। प्रशिक्षणकर्ता के रूप में संस्था होली फैमिली हॉस्पिटल की नर्सिंग ट्रेनर सिस्टर सालोमी के द्वारा दिव्यांगता की शुरुआती दौर की पहचान एवं उसकी रोकथाम पर विस्तार पूर्वक उपस्थित आशा दीदी, ए.एन.एम., सी. एच. ओ. को प्रशिक्षण देने का कार्य किया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य अपने पोषक क्षेत्र में पाई जाने वाली गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को होने वाले बच्चे को दिव्यांगता से किस प्रकार सुरक्षा प्रदान किया जा सके एवं जो बच्चे दिव्यांग हो गए है उनमें बचाव, सुधार व रोकथाम पर चर्चा की गई। जहां उनके द्वारा दिव्यांगता की शुरुआती पहचान गर्भावस्था के दौरान या प्रसव पूर्व गर्भवती महिलाओं के रखरखाव एवं धातृ महिलाओं की देखभाल के बारे में विस्तार पूर्वक बताया गया। शरीर स्वस्थ रखने के साथ-साथ दिमाग को भी स्वस्थ रखना अति आवश्यक है जिसके लिए प्रोटीन युक्त, कैल्शियम, आयरन, वास से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन अपने प्रतिदिन के भोजन में संतुलित मात्रा में लेने की आवश्यकता है। खास करके दिव्यांग बच्चों को संपूर्ण विकास के लिए यह बहुत ही महत्वपूर्ण हो जाता है। उपस्थित स्वास्थ्य कर्मियों को यह बताने का प्रयास किया गया कि प्रतिदिन समय सारणी के अनुसार संतुलित पौष्टिक आहार एवं साथ भरपूर नींद लेने की आवश्यकता होती है। जिससे मानसिक तनाव कम किया जा सकता है। प्रशिक्षण के दौरान एक्सरसाइज और थेरेपी के बारे में बताने का भी कार्य किया गया। कार्यक्रम में सूरज कुमार पांडेय, प्रियंका कुमारी, रंजीत कुमार सिंह, फ्रांसिस मुर्मू, सनी कुमार ने सहयोग प्रदान किया। मंच का संचालन संस्था के सीबीआर स्टॉफ जय मंगल कुमार शाही ने किया।



