World News: दुनिया भर के युवाओं को ई-सिगरेट आदी बना रही है, यह आदत युवाओं को मानसिक और शारीरिक खतरे की ओर बढ़ा रही है। ताजा वैश्विक रिपोर्ट में ई-सिगरेट या वेपिंग को युवाओं के लिए गंभीर खतरा बताया गया है। यूनिवर्सिटी ऑफ यॉर्क और लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन के शोधकर्ताओं द्वारा तैयार इस रिपोर्ट में 56 समीक्षाओं के आधार पर 384 स्टडीज का विश्लेषण किया गया।

इसमें दुनिया के अलग-अलग देशों के आंकड़े शामिल किए गए। रिपोर्ट में साफ कहा गया कि ई-सिगरेट इस्तेमाल करने वाले युवा आगे चलकर न केवल सिगरेट पीना शुरू कर देते हैं, बल्कि अधिक मात्रा में उसका सेवन भी करने लगते हैं। इस अध्ययन में इसे “चौंकाने वाला पैटर्न” करार दिया गया है। इसमें पाया गया कि ई-सिगरेट पीने वाले युवाओं में पारंपरिक सिगरेट की लत लगने की संभावना कहीं अधिक होती है। यही नहीं, वे समय के साथ ज्यादा बार और ज्यादा सिगरेट पीने लगते हैं।

स्वास्थ्य पर इसके गंभीर असर भी सामने आए हैं। रिपोर्ट बताती है कि वेपिंग करने वाले युवाओं में अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और निमोनिया जैसी सांस संबंधी बीमारियों का खतरा अधिक रहता है। इसके अलावा, ऐसे युवाओं में अल्कोहल और गांजे जैसे नशों की ओर झुकाव तेजी से बढ़ सकता है। मानसिक स्वास्थ्य पर भी इसका बुरा असर देखा गया है। रिपोर्ट में बताया गया कि वेपिंग करने वाले युवाओं को अक्सर सिर दर्द, चक्कर, माइग्रेन, डिप्रेशन और आत्महत्या जैसे विचारों का सामना करना पड़ सकता है। यहां तक कि शुक्राणु की संख्या में कमी जैसी चिंताजनक स्थितियां भी दर्ज की गईं। इन नतीजों के बीच ब्रिटेन सरकार ने बच्चों को वेपिंग से बचाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। जून से देश में डिस्पोजेबल वाइप्स की बिक्री पर रोक लगा दी गई है, चाहे उनमें निकोटीन मौजूद हो या नहीं।

ब्रिटेन की नेशनल हेल्थ सर्विस (एनएचएस) के आंकड़े बताते हैं कि 11 से 15 साल के करीब 25 प्रतिशत बच्चों ने कभी न कभी वेपिंग की है, जबकि 10 प्रतिशत नियमित तौर पर इसका इस्तेमाल करते हैं। इसी दौरान, यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन की एक और स्टडी ने चेतावनी दी है कि इंग्लैंड में 2013 से 2023 के बीच लंबे समय तक वेपिंग करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है। खासकर 18 साल की उम्र के करीब 22.7 प्रतिशत युवाओं में यह आदत पाई गई, जबकि 65 साल की उम्र में यह संख्या महज 4.3 प्रतिशत है। रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि अधिकतर वेपिंग करने वाले पहले से सिगरेट पीते रहे हैं, लेकिन अब ऐसे लोग भी इस लत की चपेट में आ रहे हैं जिन्होंने कभी सिगरेट को हाथ तक नहीं लगाया था।

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