Ranchi : कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने मंगलवार को पशुपालन निदेशालय, हेसाग स्थित विभागीय सभागार में विभागीय खर्च और योजनाओं की प्रगति को लेकर समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि योजनाओं के तहत केवल राशि खर्च करना ही विभाग का उद्देश्य नहीं होना चाहिए, बल्कि योजनाओं की उपयोगिता, गुणवत्ता और प्रभावी क्रियान्वयन भी उतना ही आवश्यक है।
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि विभाग द्वारा संचालित सभी योजनाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर धरातल पर उतरें और इनका लाभ अधिक से अधिक किसानों, पशुपालकों और लाभुकों तक पहुंचे। इसके लिए अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी का पूरी गंभीरता से निर्वहन करना होगा। उन्होंने कहा कि योजना तभी सफल मानी जाएगी, जब उसका वास्तविक लाभ आम लोगों को मिलेगा।
मंत्री ने कहा कि वर्तमान में चालू वित्तीय वर्ष की अंतिम तिमाही चल रही है। ऐसे में निदेशालय से लेकर जिला स्तर तक निर्धारित लक्ष्यों की गहन समीक्षा कर कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों को खर्च की गति बढ़ाने के साथ-साथ सुनियोजित कार्ययोजना के तहत काम करने का निर्देश दिया, ताकि बजट का बेहतर और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हो सके।
बैठक के दौरान मंत्री ने आगामी बजट के लिए दूरदर्शी और व्यवहारिक योजनाओं का प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया। साथ ही कृषि, उद्यान एवं भूमि संरक्षण विभाग की योजनाओं की जमीनी स्थिति की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में जिला स्तर पर तय किए गए योजनागत लक्ष्यों की भी समीक्षा की गई। इस अवसर पर विभागीय सचिव अबू बकर सिद्दीकी, विशेष सचिव गोपालजी तिवारी, प्रदीप हजारे, निदेशक भोर सिंह यादव, आदित्य कुमार आनंद सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।



