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Lohardaga: लोहरदगा सदर प्रखंड के मन्हों चौक में रविवार को शहीद शेख भिखारी शहादत दिवस सह मेला का आयोजन श्रद्धा और सम्मान के साथ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर स्मारक समिति हिरही, मन्हो के तत्वावधान में कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि आईटीडीए परियोजना निदेशक सुषमा नीलम सोरेंग, अनुमंडल पदाधिकारी अमित कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी श्रद्धा केरकेट्टा, विधायक प्रतिनिधि निशीथ जायसवाल, अंजुमन ए इस्लामिया के नाजिम-ए-आला हाजी अब्दुल जब्बार, कांग्रेस अल्पसंख्यक जिला अध्यक्ष मोजम्मिल अंसारी, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष दानिश अली, विस अध्यक्ष आशिफ इमाम, कुडू उप-प्रमुख ऐनुल अंसारी, कुर्से के सेक्रेटरी हातिम अंसारी सहित अन्य अतिथियों द्वारा शहीद शेख भिखारी के स्मारक पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करके किया गया।
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों का शॉल ओढ़ाकर और बुके भेंट कर सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया। मुख्य अतिथि सुषमा नीलम सोरेंग ने कहा कि शहीद शेख भिखारी की कुर्बानी को कभी भुलाया नहीं जा सकता और जिला प्रशासन शहीदों के सम्मान में हमेशा खड़ा है। विशिष्ट अतिथि एसडीओ अमित कुमार ने कहा कि मन्हों चौक में आयोजित यह कार्यक्रम गंगा- जमुनी तहजीब को बढ़ावा देने का उदाहरण प्रस्तुत करता है। वहीं हाजी अब्दुल जब्बार ने कहा कि शहीद शेख भिखारी हमारे लिए आन-बान-शान हैं और उनकी शहादत बेकार नहीं जाएगी। उन्होंने घोषणा की कि उनकी शान में हर साल कसीदे पढ़े जाएंगे।
लोहरदगा जिले में पिछले 18 वर्षों से शहीद शेख भिखारी का शहादत दिवस लगातार मनाया जाता रहा है। वक्ताओं ने कहा कि शेख भिखारी ने स्वतंत्रता संग्राम में अहम भूमिका निभाई थी और अपने साहस और संघर्ष से अंग्रेजों को झुकने पर मजबूर किया। अंततः अंग्रेजों ने उन्हें 8 जनवरी 1858 को चुट्टूपाली के बरगद के पेड़ पर फांसी दी। उनकी शहादत के कारण आज झारखंड समेत पूरे देशवासी स्वतंत्र भारत में सांस ले पा रहे हैं।
शहीद शेख भिखारी सह मेला में सैकड़ों गरीबों को सम्मान भी मिला। ठंड के मौसम में जरूरतमंदों की मदद के लिए 300 गरीब और असहाय लोगों में कंबल वितरण किया गया। इस दौरान कार्यक्रम का संचालन पूर्व उपमुखिया रूस्तम अंसारी ने किया। स्मारक समिति के अध्यक्ष हसनैन अंसारी, सचिव हफीजुल अंसारी, उपाध्यक्ष इम्तियाज अंसारी, एजाज अंसारी, मुस्तफा अंसारी, सगीर अंसारी, समाजसेवी संजय विश्वकर्मा, दानिश अली, चौकीदार समसुल अंसारी, सनाउल्लाह अंसारी और कलीम अंसारी सहित अन्य लोगों ने भी कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

