Close Menu
Public AddaPublic Adda
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • यूपी
  • राजनीति
  • स्पोर्ट्स
  • सोशल
  • अन्य
Facebook X (Twitter) Instagram
Public AddaPublic Adda

  • Home
  • India
  • World
  • States
    • Jharkhand
    • Bihar
    • Uttar Pradesh
  • Politics
  • Sports
  • Social/Interesting
  • More Adda
Public AddaPublic Adda
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • यूपी
  • राजनीति
  • स्पोर्ट्स
  • सोशल
  • अन्य
Home»India»सुरक्षा बलों में बढ़ती आत्महत्या: जवान क्यों ले रहे हैं ऐसा कदम?
India

सुरक्षा बलों में बढ़ती आत्महत्या: जवान क्यों ले रहे हैं ऐसा कदम?

By Samsul HaqueJuly 18, 20252 Mins Read
Facebook Twitter WhatsApp Threads Telegram
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email Telegram WhatsApp Threads Copy Link

अपनी भाषा चुनेें :

बटन दबाकर थोड़ा इंतज़ार करें...

India News: देश की सुरक्षा में दिन-रात मुस्तैद रहने वाले सुरक्षाकर्मी खुद अब सुरक्षित नहीं रह गए, और यह बात सिर्फ बाहरी खतरे को लेकर नहीं, बल्कि उनकी अपनी मानसिक स्थिति को लेकर भी कही जा रही है। दरअसल हाल ही में छत्तीसगढ़ विधानसभा में पेश की गई एक रिपोर्ट ने चिंता की गंभीर घंटी बजाई है।

इस रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले साढ़े छह साल में 177 सुरक्षाकर्मियों ने आत्महत्या की है, जिनमें सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ और राज्य पुलिस बल शामिल हैं। डिप्टी मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर के सवाल पर जानकारी देते हुए सदन को बताया है कि 2019 से 15 जून 2025 तक इन आत्महत्याओं की पुष्टि हुई है। इनमें 26 – सीआरपीएफ, 5 – बीएसएफ, 3 – भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, 1-1 – सशस्त्र सीमा बल, सीआईएसएफ और त्रिपुरा राइफल्स
शेष – छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, विशेष कार्य बल (एसटीएफ), होमगार्ड व अन्य राज्य पुलिस बल शामिल हैं।

साल आत्महत्या के आंकड़े

2019 – 25
2020 – 38
2021 – 24
2022 – 31
2023 – 22
2024 – 29
2025 (15 जून तक) – 8

मामला सिर्फ आत्महत्या तक सीमित नहीं

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 18 सुरक्षाकर्मी हत्या की घटनाओं में भी शामिल रहे हैं। इनमें आपसी विवाद के चलते जवानों ने अपने साथियों पर ही गोलियां चला दीं।

आखिर क्यों हो रही हैं ये घटनाएं?

अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर ये घटनाएं क्यों हो रहीं हैं? इस सवाल पर हुई जांचों में सामने आए मुख्य कारणों में पारिवारिक तनाव, आर्थिक व व्यक्तिगत, परेशानियां, अत्यधिक शराब सेवन, मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी, लंबी ड्यूटी और नक्सल प्रभावित इलाकों की तैनाती और आपात गुस्से में लिया गया आत्मघाती कदम प्रमुख है।

विशेषज्ञों की राय: मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि लंबी तैनाती, घर से दूरी, तनावपूर्ण कार्य वातावरण और पर्याप्त काउंसलिंग की कमी जवानों को अवसाद की ओर धकेलती है। जो सुरक्षाकर्मी हमारी सुरक्षा में लगे हैं, उनकी मानसिक सुरक्षा भी उतनी ही अहम है। आत्महत्याओं के लगातार बढ़ते आंकड़े न केवल व्यक्तिगत त्रासदी, बल्कि सिस्टम में सुधार की जरूरत को भी दर्शाते हैं। सिर्फ जांच नहीं, निवारक कदम और संवेदनशील नेतृत्व ही जवानों को इस अंधेरे से बाहर निकाल सकते हैं।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Follow on Google News
Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Threads Copy Link

Related Posts

रांची पुलिस की बड़ी सफलता: 20 घंटे में सुलझा ‘RSS दफ्तर पर पेट्रोल बम हमला’, दो आरोपी गिरफ्तार

June 17, 2026

झारखंड हाई कोर्ट ने DSE के फैसले को पलटा, दो शिक्षिकाओं को मिली बड़ी राहत

June 17, 2026

महिलाओं ने संभाली कमान, लंदन और दुबई तक पहुंची झारखंड के आमों की मिठास

June 17, 2026

RECENT ADDA.

रांची पुलिस की बड़ी सफलता: 20 घंटे में सुलझा ‘RSS दफ्तर पर पेट्रोल बम हमला’, दो आरोपी गिरफ्तार

June 17, 2026

गर्मी में बाहर के खाने को कहें ‘ना’, घर पर बनाएं चटपटा और सेहतमंद अचारी आलू

June 17, 2026

स्मृति-शेफाली का तूफान, नीदरलैंड को 95 रन से रौंदकर भारत की रिकॉर्ड जीत

June 17, 2026

10 महीने से बंद पड़े ट्रक, लोहरदगा में हिंडालको गेट पर फूटा आक्रोश

June 17, 2026

झारखंड हाई कोर्ट ने DSE के फैसले को पलटा, दो शिक्षिकाओं को मिली बड़ी राहत

June 17, 2026
Today’s Horoscope
© 2026 Public Adda. Designed by Launching Press.
  • About
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Adsense

Home

News

Web Stories Fill Streamline Icon: https://streamlinehq.com

Web Stories

WhatsApp

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.