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अमेरिका के F-16 लड़ाकू विमान को गिराने पर रुसी सैनिकों को मिल रहा इनाम

World News: रूस-यूक्रेन युद्ध में अमेरिका को झटके पर झटके लग रहे हैं। अमेरिकी के F-16 फाइटर जेट उनमें से एक हैं। रूस ने F-16 को भी मार गिराया है। F-16 लड़ाकू विमानों को गिराने वाले रूसी सैनिक मालामाल हो रहे हैं। रूस के येकातेरिनबर्ग

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World News: रूस-यूक्रेन युद्ध में अमेरिका को झटके पर झटके लग रहे हैं। अमेरिकी के F-16 फाइटर जेट उनमें से एक हैं। रूस ने F-16 को भी मार गिराया है। F-16 लड़ाकू विमानों को गिराने वाले रूसी सैनिक मालामाल हो रहे हैं। रूस के येकातेरिनबर्ग शहर की एक कंपनी ‘फोरेस’ ने 12 सैनिकों को मिलाकर 1.62 करोड़ रुपए का इनाम दिया है। ये कंपनी तेल और गैस के लिए उपकरण बनाती है, लेकिन अब ये युद्ध में भी अपनी धाक जमा रही है। रूस-यूक्रेन सीमा के पास हुए एक समारोह में सैनिकों को ये इनाम दिया गया।

यूक्रेन को पिछले साल गर्मियों में बाइडन प्रशासन के तहत अमेरिका से F-16 फाइटर जेट्स की पहली खेप मिली थी, लेकिन पहले ही उसके तीन विमान क्रैश हो चुके हैं। इन विमानों को हासिल करने के लिए यूक्रेन को दो साल तक बाइडन से मिन्नतें करनी पड़ी थी। बाइडेन की चिंता थी कि यूक्रेनी पायलटों को इन हाई-टेक विमानों को उड़ाने की ट्रेनिंग नहीं दी गई है, लेकिन आखिरकार विमान मिले, और यूक्रेन ने इन्हें युद्ध में इस्तेमाल भी किया लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

अगस्त 2024 में एक F-16 रूसी मिसाइल हमले में क्रैश हो गया और पायलट की जान चली गई। फिर इसी साल 12 अप्रैल को एक और F-16 पायलट युद्ध में मार गिराया गया। रूस ने तुरंत दावा ठोक दिया कि उनकी हवाई रक्षा ने ये विमान गिरा दिया है। फोरेस कंपनी ने कुछ ऐसा किया, जो रूस में पहले कोई नहीं कर सका है। इसने पश्चिमी देशों के सैन्य उपकरण, जैसे अमेरिका के अब्राम्स टैंक, जर्मनी के लेपर्ड-2 टैंक, और अब F-16 विमानों को नष्ट करने के लिए सैनिकों को नकद इनाम देने की शुरुआत की है। अब तक कंपनी 5.24 करोड़ रुपए के इनाम बांट चुकी है।

2023 में फोरेस कंपनी ने पश्चिमी टैंकों को निशाना बनाने के लिए 50 लाख रुपए तक के इनाम की घोषणा की थी फिर 2024 में इसके सीईओ ने F-16 के लिए भी इनाम रखा था। ये इनाम सिर्फ पैसे की बात नहीं है। ये रूस का एक तरह का मनोवैज्ञानिक दांव है, जिससे वह अपने सैनिकों का हौसला बढ़ा रहा है और पश्चिमी देशों को ये मैसेज दे रहा है कि उनके हथियार रूस की ताकत के सामने कुछ नहीं हैं। दूसरी तरफ यूक्रेन के लिए यह एक चुनौती है, क्योंकि उनके पास F-16 जैसे विमान सीमित हैं और हर नुकसान उनकी रणनीति पर भारी है।

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