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महाविनाश की ओर बढ़ रह है रूस-यूक्रेन युद्ध: अब होगा अंतरिक्ष से तबाही की बरसात?

World News: बीते तीन सालों से लगातार तबाही मचा रहे रूस-यूक्रेन युद्ध की ज्वाला अब तक सीमाओं और जमीन तक सीमित थी, लेकिन अब खतरा अंतरिक्ष से भी मंडराने लगा है। दुनिया के बड़े देशों को यह अंदेशा सता रहा है कि रूस-यूक्रेन युद्ध महाविनाश

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World News: बीते तीन सालों से लगातार तबाही मचा रहे रूस-यूक्रेन युद्ध की ज्वाला अब तक सीमाओं और जमीन तक सीमित थी, लेकिन अब खतरा अंतरिक्ष से भी मंडराने लगा है। दुनिया के बड़े देशों को यह अंदेशा सता रहा है कि रूस-यूक्रेन युद्ध महाविनाश की तरफ न बढ़ जाए। इसकी सबसे बड़ी वजह है रूसी सैटेलाइट्स का जर्मनी व अन्य नाटो देशों के सक्रिय सैटेलाइट्स के करीब आना।

रूसी सैटेलाइट्स की हरकतें बढ़ीं

बीते साल फ्रेंच स्टार्टअप अल्डोरिया ने आरोप लगाया था कि उसने रूसी सैटेलाइट को अचानक दूसरे सैटेलाइट के काफी करीब आते हुए देखा। अमेरिकी कंपनी स्लिंगशॉट एयरोस्पेस ने भी दावा किया था कि रूसी सैटेलाइट कई गैर-रूसी सैटेलाइट्स के पास जाकर ‘अनफ्रेंडली’ गतिविधियां कर रहा है। जर्मन गृह मंत्री ने आशंका जाहिर की कि रूस की आक्रामकता पृथ्वी के नजदीक अंतरिक्ष में भी बढ़ रही है।

यूरोप पर बढ़ा सुरक्षा खतरा

जर्मनी ऐसी स्थितियों से बचाव के लिए अब अपनी ड्रोन रक्षा प्रणाली को विकसित करने में जुटा है। जर्मनी के विदेश मंत्री पिस्टोरियस के मुताबिक, रूस और चीन की स्पेस वॉर क्षमता एक बड़ी चिंता बन चुकी है। वे सैटेलाइट को जैम कर सकते हैं, उनकी जानकारी और संचालन में बाधा डाल सकते हैं—यहां तक कि सैटेलाइट को पूरी तरह नुकसान पहुँचा सकते हैं।

सैटेलाइट वार: टेक्नोलॉजी की लड़ाई

जर्मनी की ओर से यह भी कहा गया है कि सेना रूस के सैटेलाइट्स की जैमिंग अटैक व अन्य गतिविधियों पर नजर रख रही है। बताया गया कि रूस के ये उपग्रह 2014 और 2023 में लॉन्च किए गए थे और इन पर पहले भी दूसरे देशों के सैटेलाइट के पास जाकर जानकारी चोरी करने और ट्रैक करने के आरोप लगते रहे हैं।

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