Kyiv, (Ukraine): रूस-यूक्रेन युद्ध अब उस दोराहे पर आ खड़ा हुआ है जहां एक तरफ मेज पर शांति की बातें हो रही हैं, तो दूसरी तरफ जमीन पर बारूद की गंध और गहरी हो गई है। पिछले 24 घंटों में रूस ने यूक्रेन पर अब तक का सबसे भीषण हवाई हमला करते हुए 400 से अधिक आत्मघाती ड्रोन्स और 40 मिसाइलें दाग दी हैं।
ठंड को हथियार बना रहा है मॉस्को
राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने भावुक अपील करते हुए कहा कि रूस कड़कड़ाती ठंड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहा है। इन हमलों का सीधा निशाना यूक्रेन का ‘एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर’ था। वोलिन, लविव और रिव्ने जैसे शहरों में बिजली के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे लाखों लोग अंधेरे और भीषण सर्दी में ठिठुरने को मजबूर हैं। जेलेंस्की ने दोटूक कहा, “दुनिया को रूस से ठंड को हथियार बनाने की ताकत छीननी होगी।”
ट्रंप की ‘जून 2026’ डेडलाइन
युद्ध के बीच एक बड़ी खबर अमेरिका से आई है। नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस जंग को खत्म करने के लिए जून 2026 की समय-सीमा तय कर दी है। ट्रंप प्रशासन का लक्ष्य है कि इस डेडलाइन से पहले समझौता हो जाए। हाल ही में यूएई में हुई त्रिपक्षीय बैठक में हालांकि युद्धविराम पर सहमति नहीं बनी, लेकिन मानवीय आधार पर 314 कैदियों की अदला-बदली एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।
अब मियामी पर टिकी हैं निगाहें
शांति की अगली उम्मीद अब अमेरिका के मियामी में होने वाली उच्च स्तरीय बैठक से है। यह पहली बार होगा जब अमेरिका अपनी धरती पर इस स्तर की मध्यस्थता करेगा। रूस अभी भी डोनबास से यूक्रेनी सेना की वापसी पर अड़ा है, जबकि यूक्रेन झुकने को तैयार नहीं है। क्या मियामी की बैठक इस विनाशकारी युद्ध को रोक पाएगी या यह संघर्ष अपने पांचवें साल में प्रवेश करेगा, यह आने वाले चार महीने तय करेंगे।



