गुमला। जिला मुख्यालय स्थित सूचना भवन में गुरुवार को उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित की अध्यक्षता में भू-अर्जन विभाग की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में चल रही विभिन्न सड़क परियोजनाओं, भुगतान की स्थिति और लंबित मामलों की अद्यतन जानकारी प्रस्तुत की गई। उपायुक्त ने सभी प्रकरणों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि भू-अर्जन कार्यों में अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक में बताया गया कि वर्तमान में भू-अर्जन कार्यालय के माध्यम से राष्ट्रीय राजमार्ग से संबंधित 04 और राजकीय राजमार्ग से जुड़ी 11 प्रमुख परियोजनाएँ प्रगति पर हैं। इनमें NH-23 पलमा–गुमला चौड़ीकरण, भारतमाला परियोजना अंतर्गत CG/JH बॉर्डर से गुमला तक NH-43 खंड, गुमला बाईपास निर्माण तथा NH-143D जमतली–रांची–संभलपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। उपायुक्त ने इन परियोजनाओं को जिले के आर्थिक और यातायात विकास के लिए अत्यंत अहम बताते हुए इनके त्वरित निष्पादन पर जोर दिया।
राजकीय राजमार्गों की परियोजनाओं में कोनसा–बकसपुर, पुत्रीटोली–डोलंगसेरा, सिसई–लापुंग–डोड़मा, कोचेडेगा–रामरेखा, रोकेडेगा–बिलिंगबीरा सहित विभिन्न सड़कों के चौड़ीकरण एवं पुनर्निर्माण की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने गुमला और रायडीह अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि पंजी–2 की प्रतियाँ जल्द भू-अर्जन कार्यालय को उपलब्ध कराई जाएँ, जिससे लंबित मुआवजा भुगतान शीघ्र शुरू किया जा सके। उन्होंने कहा कि भुगतान में देरी से परियोजनाओं की समयसीमा प्रभावित होती है, इसलिए सत्यापन और फाइल निस्तारण को प्राथमिकता दी जाए।
बैठक में विभागीय समन्वय, पारदर्शिता और समयबद्ध कार्यप्रणाली को और मजबूत बनाने पर बल दिया गया। इस अवसर पर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



