रांची: झारखंड के सबसे प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में से एक, रांची विश्वविद्यालय में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) के बैनर तले दर्जनों कार्यकर्ताओं ने प्रशासनिक भवन में तालाबंदी कर दी। विश्वविद्यालय में व्याप्त शैक्षणिक अव्यवस्था और विशेष रूप से स्नातक (UG) सत्रों में हो रही अत्यधिक देरी को लेकर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा।
दो साल से पटरी से उतरा है शैक्षणिक सत्र
विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले लगभग दो वर्षों से स्नातक का सत्र लगातार पिछड़ रहा है। सत्र लेट होने की वजह से हजारों छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है। छात्रों को न तो समय पर परीक्षा देने का मौका मिल रहा है और न ही समय पर परिणाम घोषित किए जा रहे हैं। इसका सीधा असर उनकी आगे की पढ़ाई और करियर के अवसरों पर पड़ रहा है।
प्रशासन की चुप्पी पर बरसे छात्र नेता
आजसू छात्र संघ के प्रदेश सचिव राजेश सिंह और रोशन कुमार नायक ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि झारखंड के सबसे बड़े विश्वविद्यालय में इतनी बड़ी लापरवाही बरती जा रही है। उन्होंने कुलपति और DSW पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए मांग की कि स्नातक सत्र को अविलंब नियमित किया जाए। छात्र नेताओं का कहना है कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है, जिससे छात्रों में गहरा रोष है।
अनिश्चितकालीन आंदोलन की दी चेतावनी
आजसू ने स्पष्ट कर दिया है कि यह तो बस शुरुआत है। यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने अगले कुछ दिनों में शैक्षणिक कैलेंडर को दुरुस्त करने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए, तो छात्र संघ प्रशासनिक भवन में अनिश्चितकालीन तालाबंदी करने को बाध्य होगा। प्रदर्शनकारियों ने साफ लहजे में कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस विरोध प्रदर्शन में आजसू के प्रदेश सचिव सक्षम झा, रांची महानगर अध्यक्ष अमन साहू समेत अमित, निशांत, हिमांशु, अंकित, अब्दुल और सौरव जैसे कई सक्रिय कार्यकर्ता और छात्र उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय परिसर में भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद छात्रों ने जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे।



