रांची: झारखंड की राजधानी रांची की ऐतिहासिक धरोहर और करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र, श्री राम जानकी तपोवन मंदिर जल्द ही एक नए और भव्य स्वरूप में नजर आएगा। सोमवार को मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से ‘श्री राम जानकी तपोवन मंदिर नवनिर्माण समिति’ के सदस्यों ने शिष्टाचार मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने मंदिर के पुनर्निर्माण और सौंदर्यीकरण को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
विश्व स्तरीय पर्यटन और आस्था का केंद्र
मुख्यमंत्री श्री सोरेन ने कहा कि तपोवन मंदिर न केवल हमारी धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह रांची की एक अमूल्य ऐतिहासिक धरोहर भी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मंदिर का निर्माण इस भव्यता के साथ किया जाए कि यह देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बने। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस पूरी परियोजना में राज्य सरकार हर संभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने निर्देश दिया कि मंदिर को आकर्षक बनाने के साथ-साथ यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पानी, विश्राम गृह और अन्य बुनियादी सुविधाओं का पुख्ता प्रबंध होना चाहिए।
अयोध्या के आर्किटेक्ट संवार रहे हैं मंदिर की सूरत
इस परियोजना की सबसे खास बात यह है कि रांची के इस मंदिर का निर्माण उन्हीं हाथों के निर्देशन में हो रहा है, जिन्होंने अयोध्या के भव्य राम मंदिर को आकार दिया है। नवनिर्माण समिति ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि अयोध्या राम मंदिर के प्रसिद्ध आर्किटेक्ट आशीष सोमपुरा इस मंदिर के निर्माण कार्य का निर्देशन कर रहे हैं।
2029 तक पूरा होगा संकल्प
समिति ने प्रगति रिपोर्ट साझा करते हुए बताया कि मंदिर फाउंडेशन का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। निर्माण की गति को देखते हुए यह लक्ष्य रखा गया है कि वर्ष 2029 तक मंदिर का नवनिर्माण पूर्ण कर लिया जाएगा। बैठक के दौरान समिति के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को निर्माण कार्य का जायजा लेने के लिए मंदिर परिसर आने का निमंत्रण भी दिया।
इस महत्वपूर्ण बैठक में मंदिर के महंत ओमप्रकाश, समिति के सचिव प्रणय कुमार, सदस्य प्रवीण कुमार वर्मा, अयोध्या दास और स्वयं आर्किटेक्ट आशीष सोमपुरा उपस्थित थे। आने वाले वर्षों में, यह मंदिर झारखंड की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को वैश्विक मानचित्र पर एक नई ऊंचाई प्रदान करेगा।



