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विश्व बैंक और ‘नमामि गंगे’ के सहयोग से संवरेंगी रांची की नदियां व तालाब

रांची नगर निगम ने शुरू की पहल, जानें कैसे बदलेगी राजधानी की सूरत

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Ranchi: राजधानी को हरित और जल-समृद्ध शहर बनाने की दिशा में रांची नगर निगम ने एक ऐतिहासिक पहल की है। शहर से होकर गुजरने वाली नदियों, तालाबों और झीलों के संरक्षण, पुनर्जीवन तथा बेहतर प्रबंधन के उद्देश्य से ‘अर्बन रिवर मैनेजमेंट प्लान’ (URMP) तैयार किया जा रहा है। इसी कड़ी में 30 सितंबर 2026 को रांची के नगर आयुक्त सुशांत गौरव की अध्यक्षता में गठित ‘मल्टी स्टेकहोल्डर वर्किंग ग्रुप’ की दूसरी महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई।

विश्व बैंक और नमामि गंगे के सहयोग से तैयार हो रहा मास्टर प्लान रांची के जल स्रोतों को नया जीवन देने की यह विशाल कार्ययोजना राष्ट्रीय नगर कार्य संस्थान (NIUA) और राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (NMCG) द्वारा विश्व बैंक के तकनीकी व वित्तीय सहयोग से तैयार की जा रही है। देश भर में ‘नमामि गंगे’ कार्यक्रम के तहत गंगा बेसिन के जिन 60 प्रमुख शहरों का चयन किया गया है, उनमें रांची भी प्रमुखता से शामिल है। इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत मुख्य रूप से प्रदूषण झेल रही हरमू नदी, स्वर्णरेखा नदी के शहरी प्रवाह क्षेत्र और रांची के प्रमुख तालाबों व झीलों के पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत किया जाएगा।

प्रकृति-आधारित समाधान और आधुनिक सीवेज प्रबंधन बैठक के दौरान NIUA की विशेषज्ञ टीम ने रांची शहर की नदियों और जलाशयों की वर्तमान स्थिति पर गहन अध्ययन रिपोर्ट और प्रस्तुतीकरण पेश किया। योजना में नदियों की प्राकृतिक स्थिति को बहाल करने के लिए ‘नेचर-बेस्ड सॉल्यूशंस’ (प्रकृति-आधारित उपाय), प्रभावी सीवेज ट्रीटमेंट, जल निकायों का संरक्षण और आम नागरिकों की सहभागिता बढ़ाने के व्यावहारिक मॉडलों पर विस्तार से चर्चा की गई। विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों और विशेषज्ञों ने अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए ताकि इस योजना को धरातल पर पूरी तरह प्रभावी बनाया जा सके।

प्रशासनिक प्रयास के साथ जनभागीदारी भी जरूरी

नगर आयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने कहा कि शहर के जैव विविधता और इकोसिस्टम के संतुलन को बनाए रखने के लिए केवल प्रशासनिक कोशिशें काफी नहीं हैं। नदियों और तालाबों का दीर्घकालिक संरक्षण तभी संभव है, जब नागरिक भी अपने व्यवहार में बदलाव लाएं और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे आपस में बेहतर समन्वय बनाते हुए URMP के सभी लक्ष्यों को समय सीमा के भीतर पूरा करें।

बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी एवं विशेषज्ञ इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अपर नगर आयुक्त संजय कुमार, NMCG के प्रोजेक्ट लीड राहुल सचदेवा, अलोवियम ग्रुप के टीम लीड मनु भटनागर, जैव विविधता विशेषज्ञ (सेवानिवृत्त IFS) डॉ. गीता राम साहिब और सहायक नगर आयुक्त राहुल यादव मौजूद रहे। इसके अलावा जुडको, कृषि निदेशालय, रांची विश्वविद्यालय तथा झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (JSPCB) के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

नगर निगम की इस दूरगामी पहल से न केवल रांची की जीवनदायिनी नदियों का अस्तित्व बचेगा, बल्कि शहर में ग्रीन और ब्लू इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास से पर्यटन और पर्यावरण संतुलन को भी नई दिशा मिलेगी।

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