Ranchi News: राजधानी से सटे ओरमांझी और इरबा के इलाकों में शनिवार की काली रात ग्रामीणों के लिए दहशत का सबब बनकर आई। जंगली हाथियों के एक विशाल झुंड ने रिहायशी इलाकों के करीब दस्तक देकर पूरे क्षेत्र में खलबली मचा दी है। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय मस्जिदों के लाउडस्पीकर का सहारा लेना पड़ा। रात भर लाउडस्पीकर से मुनादी होती रही कि “कोई भी घर से बाहर न निकले, हाथी गांव के करीब हैं।”

इरबा से हतवाल की ओर हाथियों का कूच; प्रशासन की सांसें अटकीं

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाथियों का यह झुंड काफी आक्रामक मूड में है और ओरमांझी के ग्रामीण रास्तों से होता हुए अब हतवाल की ओर बढ़ रहा है। हाथियों की आहट और उनके चिंघाड़ने की आवाजों ने बच्चों और बुजुर्गों में डर पैदा कर दिया है। प्रशासन को अंदेशा है कि अंधेरे का फायदा उठाकर हाथी फसलों या घरों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसी को देखते हुए वन विभाग की क्विक रिस्पांस टीम (QRT) को संवेदनशील पॉइंट्स पर तैनात कर दिया गया है।

सेल्फी और वीडियो के चक्कर में न डालें जान; वन विभाग की सख्त चेतावनी

वन विभाग ने ग्रामीणों से बार-बार अपील की है कि वे हाथियों के करीब जाने, उन्हें छेड़ने या मोबाइल से वीडियो बनाने की गलती बिल्कुल न करें। अधिकारियों का कहना है कि हाथियों की फ्लैश लाइट और शोर से भड़कने की संभावना सबसे ज्यादा होती है। प्रशासन ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि “एहतियात ही सबसे बड़ा बचाव है।” फिलहाल वन विभाग हाथियों को सुरक्षित तरीके से रिहायशी इलाकों से दूर जंगल की ओर खदेड़ने के लिए मशालों और पटाखों का इस्तेमाल कर रहा है।

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देर रात तक पूरा इलाका पुलिस गश्त और लाउडस्पीकर की आवाजों से गूंजता रहा। ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कंट्रोल रूम या स्थानीय थाने को सूचित करें।

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