Ranchi News: राजधानी रांची को कुपोषण मुक्त, नशा मुक्त और बीमारियों से सुरक्षित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। समाहरणालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री ने स्वास्थ्य और समाज कल्याण विभाग की योजनाओं का विस्तृत मूल्यांकन किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अंधविश्वास के खिलाफ जंग: जानलेवा हो सकता है तंत्र-मंत्र

उपायुक्त ने जिले के नागरिकों से भावुक अपील करते हुए कहा कि अपनी या अपनों की बीमारी के लिए ओझा-गुणी या तंत्र-मंत्र के चक्कर में न पड़ें। उन्होंने आगाह किया कि ऐसे गैर-वैज्ञानिक इलाज से मरीजों की जान जा सकती है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या में सीधे सरकारी अस्पताल या योग्य डॉक्टर से संपर्क करें।

बच्चा चोरी और अवैध शराब पर ‘पब्लिक’ की नजर

हाल की घटनाओं के मद्देनजर उपायुक्त ने बच्चा चोरी रोकने के लिए सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने का निर्देश दिया। उन्होंने जनता से अपील की कि यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति इलाके में नजर आए, तो तुरंत पुलिस, BDO या CO को सूचना दें। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध भट्टी शराब के खिलाफ अभियान तेज करने का निर्देश दिया गया है। सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

10 फरवरी से फाइलेरिया मुक्त होगा रांची

आगामी 10 फरवरी से जिले में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम (MDA) शुरू होने जा रहा है। उपायुक्त ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा दी जाने वाली दवा का सेवन जरूर करें। इसके अलावा, उन्होंने ‘कॉटन कैंडी’ में इस्तेमाल होने वाले जहरीले केमिकल रंगों के प्रति भी अभिभावकों को सतर्क किया और बच्चों को इससे दूर रखने की सलाह दी।

कुपोषण के खिलाफ ‘डोर-टू-डोर’ अभियान

बैठक में टीकाकरण की दर 95% से ऊपर ले जाने और शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। गंभीर रूप से कुपोषित (SAM) बच्चों को तत्काल MTC सेंटरों में भर्ती करने और मध्यम कुपोषित (MAM) बच्चों के लिए नियमित पोषाहार वितरण के निर्देश दिए गए। आंगनवाड़ी केंद्रों को डिजिटल रूप से ‘सक्षम’ बनाने और वहां स्वच्छता व वर्षा जल संचयन जैसी सुविधाएं बहाल करने की बात भी कही गई।

बैठक में उप विकास आयुक्त सौरभ भुवनिया, सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार और जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सुरभि सिंह सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन की यह सक्रियता जिले में स्वास्थ्य और सुरक्षा के मानकों को नया आयाम देगी।

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