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अवैध खदान हादसा: बिजली सब स्टेशन बंद, लाखों का नुकसान; मुआवजे की मांग पर अड़े ग्रामीण

Jharkhand News: रामगढ़ जिले के रजरप्पा क्षेत्र अंतर्गत भुचुंगडीह की अवैध कोयला खदान में आग बुझाने के दौरान ठेका मजदूर रविंद्र महतो की मौत की आशंका जताई गई है। इस खबर के फैलते ही ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। गुरुवार सुबह सैकड़ों की संख्या में

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Jharkhand News: रामगढ़ जिले के रजरप्पा क्षेत्र अंतर्गत भुचुंगडीह की अवैध कोयला खदान में आग बुझाने के दौरान ठेका मजदूर रविंद्र महतो की मौत की आशंका जताई गई है। इस खबर के फैलते ही ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। गुरुवार सुबह सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने रजरप्पा के विद्युत सब स्टेशन का घेराव कर उसे बंद करा दिया। इस विरोध प्रदर्शन के चलते चार घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही, जिससे सीसीएल प्रबंधन को लाखों रुपये का नुकसान हुआ।

ग्रामीणों की मांग है कि मृतक के परिजन को एक करोड़ रुपये मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। लगभग एक घंटे बाद वार्ता के लिए पहुंचे सीसीएल रजरप्पा के महाप्रबंधक कल्याणजी प्रसाद को भी ग्रामीणों ने घेर लिया और उन्हें वहां से तब तक नहीं जाने दिया जब तक वार्ता की व्यवस्था नहीं हुई। बाद में जीएम ऑफिस में रजरप्पा प्रशासन, एसडीएम दीप्ति प्रियंका कुजूर और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की उपस्थिति में वार्ता शुरू की गई।

इधर, भुचुंगडीह में लगी आग की सूचना मिलने पर रामगढ़ उपायुक्त चंदन कुमार और एसपी डॉ. अजय कुमार घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को रेस्क्यू तेज करने का निर्देश दिया। फिलहाल सीसीएल, जिला प्रशासन और एसडीआरएफ की संयुक्त टीम द्वारा शव की तलाश जारी है, हालांकि अब तक कोई सफलता नहीं मिल पाई है। ग्रामीणों का मानना है कि आग की लपटों में शव जलकर पूरी तरह खाक हो चुका है।

प्रशासन ने मृतक के परिवार को सरकारी प्रावधान के अनुसार सहायता देने की बात कही है। इसमें पारिवारिक हित लाभ, आवास योजना, कॉन्ट्रैक्ट आधार पर नौकरी, 10 वर्षीय बेटी का नामांकन कस्तूरबा गांधी विद्यालय में और 7 वर्षीय बेटे का किसी अच्छे निजी विद्यालय में नामांकन करवाने का आश्वासन दिया गया है।

घटना की सूचना मिलते ही भाजपा नेता राजीव जायसवाल, पूर्व जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर चौधरी, आजसू युवा नेता पीयूष चौधरी, जिलाध्यक्ष दिलीप दांगी भी मौके पर पहुंचे। नेताओं ने कहा कि यह हादसा प्रशासन की लापरवाही और कोयले की अवैध तस्करी का परिणाम है। उन्होंने राज्य सरकार से इस पर सख्त रोक लगाने की मांग की। साथ ही उन्होंने मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी और एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की बात पर जोर दिया। फिलहाल, प्रशासन और ग्रामीणों के बीच बातचीत जारी है।

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